शहर के कई चौराहों पर लगेंगे कम हाइट के रिफ्लेक्टर वाले डिवाइडर

2019-02-09T06:00:26Z

- 6 चौराहों पर पहले लगेंगे रिफ्लेक्टर डिवाइडर

- लखनऊ पुलिस ने डिवाइडर को किया डिजाइन

- मेट्रो की मदद से तैयार किया जा रहा डिवाइडर

- ट्रैफिक पुलिस और एलएमआरसी तैयार कर रहा डिवाइडर

- स्प्रिंग पोस्ट और पत्थर के बने डिवाइडर हटाए जाएंगे

LUCKNOW: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस कई नए प्रयोग कर रहा है। इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक सिग्नल के साथ अब शहर के कई चौराहों पर कम हाइट के स्पेशल रिफ्लेक्टर वाले डिवाइडर बनाए जाएंगे। इससे न केवल रोड की खूबसूरती बढ़ाएगी बल्कि कम जगह घेरने के साथ ट्रैफिक मूवमेंट में भी सक्सेज होंगे। इस रिफ्लेक्टर डिवाइडर को ट्रैफिक पुलिस मेट्रो की मदद से तैयार कर रहा है।

इन चौराहों पर लगेंगे

- हजरतगंज चौराहा

- मेफेयर तिराहा

- वाल्मीकि चौराहा

- हिंदी संस्थान तिराहा

- अलका तिराहा

- महाराणा प्रताप चौराहा

स्प्रिंग पोस्ट नहीं हो रहे सक्सेज

ट्रैफिक मूवमेंट को एक साइड से दूसरी साइड आने जाने से रोकने के लिए हजरतगंज समेत कई इलाकों में स्प्रिंग पोस्ट लगाए हैं। हालांकि स्प्रिंग पोस्ट प्लास्टिक के बने होने के चलते यह न तो सेफ हैं और न ही मजबूत हैं। अक्सर गाडि़यों के टकराने से टूट जाते हैं, जिसके चलते ट्रैफिक भी अवरोध होता है।

पत्थर के डिवाइडर सेफ नहीं

स्प्रिंग पोस्ट के साथ कई जगहों पर ऊंचे और बड़े पत्थर से बने डिवाइडर लगाए गए हैं। यह डिवाइडर ट्रैफिक मूवमेंट को रोकने में सफल तो हैं, लेकिन पब्लिक के लिए सुरक्षित नहीं हैं। गाडि़यों के टकराने पर गाड़ी के साथ चलाने वालों के लिए भी खतरा बन रहे हैं।

कम हाइट और स्पेशल लाइट रिफ्लेक्टर

स्प्रिंग पोस्ट और पत्थर के डिवाइडर हटाकर मेट्रो की मदद से ट्रैफिक पुलिस कम हाइट के स्पेशल रिफ्लेक्टर वाले डिवाइडर लगाने की तैयारी कर रहा है। इसे डिजाइन लखनऊ पुलिस ने किया है जबकि मेट्रो के एक्सपर्ट इसे ज्यादा खूबसूरत और मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। फिलहाल यह हजरतगंज एरिया के कुछ चौराहों पर पहले चरण में लगाए जाएंगे। इसके बाद इसे पूरे शहर में लगवाया जाएगा।

कम हाइट के स्पेशल रिफ्लेक्टर डिवाइडर रोड पर ज्यादा स्पेस भी नहीं लेंगे और सेफ भी रहेंगे। इससे ट्रैफिक मूवमेंट में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। स्प्रिंग पोस्ट अक्सर मूवमेंट के दौरान टूट जाते हैं जबकि पत्थर के डिवाइडर से चोट लगने का खतरा रहता है। मेट्रो की मदद से डिवाइडर तैयार कराए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे शहर में इस तरह के डिवाइडर बनाए जाएंगे।

कलानिधि नैथानी, एसएसपी


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