यूनिवर्सिटी कम करेगा एडमिशन का खर्चा

2014-06-30T07:01:20Z

- अब तक एडमिशन प्रक्रिया में 85 लाख तक खर्च करता आया है लखनऊ यूनिवर्सिटी

- दूसरे यूनिवर्सिटी से पे्ररणा लेने की तैयारी, कई यूनिवर्सिटी में एडमिशन प्रोसेस में नहीं होता खर्चा

LUCKNOW: लखनऊ यूनिवर्सिटी आने वाले समय में अपने एडमिशन प्रक्रिया को और भी व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को किसी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान की मदद नहीं लेगा और यूनिवर्सिटी एडमिशन की पूरी प्रक्रिया को अपने यहां से संचालित करेगा। सिर्फ इतना ही नहीं, यूनिवर्सिटी हर साल एडमिशन पर होने वाले लाखों के खर्च को भी खत्म करने की तैयारी कर रही है।

0 होगा एडमिशन का खर्चा

लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो। एसबी निमसे ने बताया कि किसी भी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का कार्य यूनिवर्सिटी के लिए पैसा जुटाना है न कि पैसों को खर्च करना। यूनिवर्सिटी में होने वाले एडमिशन प्रक्रिया पर यूनिवर्सिटी को खर्च नहीं करना चाहिए। प्रो। एसबी निमसे ने बताया कि मेरे आने से पहले सेशन ख्0क्ख्-क्फ् में एडमिशन यूनिवर्सिटी में करीब 8भ् लाख रुपए खर्च होता था।

ब्7 लाख रुपये की कटौती की

सेशन ख्0क्फ्-क्ब् में घटाकर फ्8 लाख रुपए तक ले आए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मैंने एडमिशन के खर्च को कम करने के लिए तीन को-ऑडिनेटर्स की नियुक्ति की है। सभी को साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि एडमिशन का खर्च फ्0 लाख के नीचे ले जाएं। प्रो। निमसे ने बताया कि कई बड़ी यूनिवर्सिटी अपने यहां एडमिशन पर कोई खर्च नहीं करती है, उसे अपने ही स्तर पर आयोजित करती है। हमारी भी कोशिश है कि आने वाले समय में हम भी ऐसा कर सकें।


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