बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, UP पुलिस के हाथ दो अन्य भी धराए गए

Updated Date: Sun, 18 Oct 2020 07:12 PM (IST)

उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मुख्य अभियक्त भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि बलिया में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के सामने 46 साल के एक व्यक्ति की हत्या से इनका संबंध है।

बलिया/लखनऊ (पीटीआई)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने मुख्य अभियुक्त धीरेंद्र सिंह को प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। दो अन्य को बलिया जिले के वैशाली इलाके से धरा गया है। तीन गिरफ्तारियों के साथ पुलिस अब तक इस मामले में आठ लोगों को पकड़ चुकी है। इनमें से पांच के खिलाफ नामजद एफआईआर है जबकि तीन अन्य आरोपी भी शामिल हैं। इस मामले में 8 नामजद आरोपी हैं जबकि 20-25 अन्य आरोपी हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्ति जब्त
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के आईजी अमिताभ यश ने कहा, 'बलिया में 46 वर्षीय व्यक्ति की गोली मार कर हत्या करने वाले मुख्य अभियुक्त धीरेंद्र सिंह को लखनऊ से रविवार सुबह पाॅलिटेक्निक इलाके से गिरफ्तार किया गया है।' आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने कहा, 'इस मामले में नामजद अभियुक्त संतोष यादव और अमरजीत यादव को बलिया सिटी के वैशाली इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इन पर 50,000 रुपये का ईनाम था। गैंगस्टर एक्ट के तहत इनकी संपत्ति को जब्त कर लिया गया है।'

#WATCH Special Task Force (STF) of UP Police arrests the main accused of Ballia incident, Dhirendra Singh, from Lucknow.
A man had died after bullets were fired during a meeting for allotment of shops under government quota, in Durjanpur village of Ballia on Thusday. pic.twitter.com/rfiS2cbRA0

— ANI UP (@ANINewsUP) October 18, 2020
अभियुक्तों पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट लगाया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि मुख्य अभियुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों में नरेंद्र प्रताप सिंह और देवेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। अन्य आभियुक्तों में मुन्ना यादव, राज प्रताप यादव और राजन तिवारी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को कहा था 46 साल के व्यक्ति को गोली मारने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) और गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया है। यदि अथाॅरिटी को लगता है कि इनसे राष्ट्रीय सुरक्षा या कानून को खतरा है तो एनएसए के तहत इन्हें ना चार्ज के 12 महीनों तक जेल में रखा जा सकता है।

Posted By: Satyendra Kumar Singh
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