वापस आने का मैसेज कर शहीद हो गए केतन

2019-06-19T11:08:47Z

वाशु ने बताया कि मेजर केतन की गिनती 57 इंजीनियर रेजीमेंट के सबसे तेजतर्रार अधिकारियों में थी

ऑपरेशन के दौरान वाइफ को व्हाट्सऐप में लिखा था आखिरी मैसेज

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से शहीद मेजर केतन के परिजन वाशु शर्मा ने साझा की जानकारी

57 इंजीनियर रेजीमेंट के तेज-तर्रार अधिकारियों में होती थी मेजर केतन शर्मा की गिनती

meerut@inext.co.in

MEERUT : दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में सोमवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जिस मुठभेड़ में मेरठ निवासी 57 इंजीनियर रेजीमेंट के मेजर केतन शर्मा शहीद हुए उससे जुड़ी कुछ अनसुनी बातें सोमवार को उनके परिजन वाशु शर्मा ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से साझा की.

तेज-तर्रार अधिकारियों में गिनती

वाशु ने बताया कि मेजर केतन की गिनती 57 इंजीनियर रेजीमेंट के सबसे तेज-तर्रार अधिकारियों में थी. 26 मई को ही मेजर केतन मेरठ में 28 दिन की छुट्टी काटकर वापस अनंतनाग अपनी यूनिट में पहुंचे थे. मेजर केतन ने अपने परिवार से जल्द वापस आने वादा भी किया था.

खुफिया इनपुट मिला

बकौल वाशु शर्मा सुरक्षाबलों को रविवार रात अनंतनाग के एकिंगम में दो से तीन आतंकवादियों के छिपे होने का इनपुट मिला. सुरक्षाबलों ने सोमवार तड़के आतंकवादियों की घेराबंदी शुरू कर दी.

मेजर केतन कर रहे थे लीड

कोवर्ट ऑपरेशन में मेजर केतन तीन जवानों की एक टुकड़ी को लीड कर रहे थे. दोनों तरफ से करीब चार घंटे लगातार गोलीबारी चली और फिर अचानक आंतकियों की तरफ से फायरिंग बंद हो गई. यहां मेजर केतन श्योर हो गए कि एक आतंकी मारा गया है. वो फ्रंट पर थे तो उन्होंने कवर लेते हुए साथियों को चौकन्ना रहते हुए स्टेबल रहने को कहा. इस बीच केतन ने अपने मोबाइल से वाइफ इरा को व्हाट्सऐप किया और कोवर्ट ऑपरेशन की बात बताते हुए अपनी सेल्फी भी भेजी.

दोबारा शुरू हुई फायरिंग

करीब एक घंटे बाद दोबारा आतंकियों की ओर से हैवी फायर होने लगा. सुरक्षाबलों समेत मेजर केतन ने मोर्चा संभाला लिया. करीब चार घंटे तक दोनों तरफ से लगातार फायरिंग होती रही. एक बार फिर फायरिंग थम गई एक घंटे तक कोई फायरिंग नहीं हुई. इस बार मेजर केतन ने एक जवान के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया.

सुरक्षा घेरे को किया पार

आगे बढ़ने के प्रयास में मेजर केतन सुरक्षा घेरे को पार गए और घास के बीच पोजिशन लेकर लेटे रहे. कहीं न कहीं केतन को ये आभास हो गया था कि वो सुरक्षा घेरे को पार कर गए हैं और ये उनकी आखिरी जंग हो सकती है. केतन ने मोबाइल निकाला और वाइफ को अपनी सेल्फी व्हाट्सऐप करते हुए लिखा कि अभी तक सब ठीक था और एक आतंकी को मार गिराया है. मगर मुझे ट्रेप कर लिया गया है और शायद ये मेरी आखिरी फोटो है. वाइफ इरा ने व्हाट्सऐप पर जवाब में लिखा कि केतन तुम कई बार ऐसी कंडीशंस से बाहर निकले हो. इस बार भी निकल आओगे बस खुद पर विश्वास रखो. आखिरी जवाब में केतन ने लिखा कि मैं कैसे न कैसे हर कोशिश कर वापस आऊंगा. इसके बाद साथी जवान से केतन ने कहा कि घास में आग लगाओ लेकिन इस पहले कि ऐसा हो पाता, केतन को ट्रेप कर रहे आतंकी ने अपना ब‌र्स्ट खोल दिया. हालांकि केतन के साथी और अन्य सुरक्षाबलों ने उस आंतकी को ढेर कर दिया लेकिन केतन शहीद हो गए.


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