1993 से लेकर आज तक अनगिनत आतंकी हमलो का भारत ने किया है सामना

2015-07-27T14:37:00Z

पंजाब के गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में सुरक्षा बलों जिस आतंकी को मार गिराया उसकी शिनाख्‍त करने की कोशिश के दौरान पता चला है कि ये आतंकवादी संगठन लश्‍कर ए तैय्यबा का जुड़ा मामला हो सकता है। बहरहाल इस हमले से एक बार फिर अब तक देश में हुए कई आतंकी हमलों की याद ताजा हो गयी है। आइए आपको भी याद कराते हैं कि 1993 से लेकर अब तक कब कब ऐसे हादसों से दहशत में आया देश।

दहशतगर्दों ने बार बार कोशिश की कि भारत पर हमले करके देश को कमजोर बनाया जा पर हर बार उन्हें नाकामी का मुंह देखना पड़ा। आज एक बार फिर पंजाब के गुरुदासपुर में ऐसा ही हमला हुआ है जिसके बाद दिल्ली तक रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। 1993 से कई बार आतंकियों ने अपनी घटिया कोशिशें की हैं और देश को कमजोर बनाने में जुटे हैं। बेशक हर बार वो नाकाम हुए पर हादसों के जख्म आज भी दर्द दे रहे हैं। आइए ऐसे ही कुछ हमलों से हम आपको एक बार फिर रूबरू कराते हैं।
मुंबई सीरियल ब्लास्ट: पहली दर्दनाक याद जो हमें याद आती है वो 12 मार्च 1993 में हुए मुबई के क्रमवार हुए बम धमाके हैं जिनमें करीब 257 लोग मारे गए और 713 जख्मी हुए। इन हादसों के पीछे दाउद इब्राहीम की डी कंपनी का हाथ बताया जाता है।  
कोयम्बटूर धमाके: इस्लामिक संगठन अल उम्माह ने 14 फरवरी 1998 में कोयम्बटूर की 11 अलग अलग जगहों पर बम ब्लास्ट किए और इस हमले में 20 लोग घायल हुए जबकि 60 की जान गयी।
जम्मू कश्मीर विधान सभा हमला: जम्मू कश्मीर विधान सभा पर एक कार बम और 3 सुसाइड बाम्बर्स के साथ आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद ने 1 अक्टूबर 2001 को जम्मू कश्मीर विधान सभा पर हमला करके 38 जिंदगियां लील लीं।

भारतीय संसद पर हमला: कोई सोच नहीं सकता पर 13 दिसंबर 2001 को लश्कर ए तैयबा और जैश मोहम्मद के 5 आतंकी भारत के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले संसद भवन परिसर में घुस गए। हमले के समय संसद भवन में 100 राजनेता मौजूद थे। हासलाकि सभी आतंकी मार गिराए गए पर इस हमले में 6 पुलिसकर्मी और 3 संसद भवन कर्मी भी मारे गए।
गुजरात अक्षरधाम मंदिर हमला: साल 2002 में 24 दिसंबर को गुजरात के गांधीनगर में बने अक्षरधाम मंदिर पर हमला हुआ और इस हादसे 31 लोग मरे और 81 घायल हुए। आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद से संबधित हमला करने वाले दो दहशत गर्दों मुर्तजा हाफिज यासिन और अशरफ अली मोहम्मद फारुख को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
दिल्ली बम धमाके: इसके बाद जिस हादसे ने देश को सबसे ज्यादा डराया वो थे 29 अक्टूबर 2005 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट। देश की राजधानी में दीवाली से ठीक दो दिन पहले सरोजनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी में तीन धमाके हुए और इसकी गूंज पूरे देश में सुनायी दी। हादसे में 63 जाने गईं और 210 लोग घायल हुए।
मुबई लोकल ट्रेन सीरियल ब्लास्ट: इसके बाद 11 जुलाई 2006 में मुबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में एक के बाद एक 7 धमाके हुए। ये बेहद दहलाने वाला हादसा था। इंडियन मुजाहिदीन नाम के आतंकी संगठन के इस क्रूर हमले में 7715 लोग घायल हुए और 210 मौतें हुईं।  
जयपुर ब्लास्ट: इसके बाद 2008 में तो जैसे हमलो की झड़ी लग गयी। 13 मई 2008 को जयपुर 9 लगातार धमाकों से दहला और 63 लोग जान से गए जबकी 210 घायल हुए।
असम में धमाके: इसके बाद 30 अक्टूबर 2008 में असम की राजधानी गुवाहाटी में कुल 18 धमाके आतंकियों ने किए। इन धमाकों में कुल 81 लोग मारे गए जबकि 470 लोग घायल हुए।
26/11 मुंबई हमला: और ताबूत में आखिरी कील बना 2008 की 26 नंवंबर को हुआ मुबई में आतंकी हमला। मुंबई के नरीमन हाउस, होटल ओबेराय और मुबई की शान होटल ताज पर आतंकवादियों ने कब्जा कर लिया। हादसे में सभी नौ आतंकी मार गिराए गए और एक अजमल कसाब को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन उससे पहले 166 मासूम जाने जा चुकी थीं और 293 धायल हो गए थे।

Hindi News from India News Desk


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