देहरादून रायवाला क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना आदमखोर गुलदार हुआ ढेर

2018-07-12T19:03:47Z

- वन विभाग की टीम ने मार गिराया आदमखोर गुलदार

- रायवाला क्षेत्र में डेढ़ साल से सक्रिय था आदमखोर

DEHRADUN : राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे रायवाला क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने नरभक्षी गुलदार को वन विभाग की टीम ने ढेर कर दिया है। गुलदार वयस्क मादा है और करीब डेढ़ वर्ष से इलाके में उसका आतंक बरकरार था। गुलदार के शव का पोस्टमार्टम कर उसे मोतीचूर रेंज में जला दिया गया है।

 

तड़के तीन बजे किया ढेर

जानकारी के मुताबिक बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे खांडगांव के पास गुलदार को मारा गया। मोतीचूर रेंज के वनकर्मियों ने मंगलवार शाम से इस गुलदार की निगरानी शुरू की। सुबह करीब साढ़े तीन बजे शूटर प्रशांत व वन कर्मी फरमान अली ने गुलदार पर अचूक निशाना साधा और उसे ढ़ेर कर दिया। रात भर चले इस अभियान में पार्क निदेशक सनातन स्वयं मौजूद रहे। पार्क निदेशक ने बताया कि गुलदार प्रौढ़ मादा है। उसका दाहिना पंजा टूटा हुआ है, नाखून व दांत घिसे हुए हैं। वन्य जीवों का शिकार करने में अक्षम होने की वजह से यह इंसानों को शिकार बनाने की कोशिश करती थी। कैमरा ट्रैप में इसकी लोकेशन उन जगहों पर ट्रेस हुई है, जहां इंसानों पर हमले की घटनाएं हुई हैं। यह करीब डेढ़ साल से क्षेत्र में सक्रिय थी। कैमरा ट्रैप के जरिये उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। दांत व नाखून के जरूरी सैंपल लिए गए और शव का पोस्टमार्टम कर जला दिया गया है।


इलाके में अब भी आदमखोर

एक नरभक्षी गुलदार को मार कर पार्क प्रशासन भले ही अपनी पीठ ठोंक ले, लेकिन लोगों के लिए खतरा अभी टला नहीं है। क्षेत्र में अभी भी छह गुलदार मौजूद हैं, जिनके नरभक्षी होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पार्क अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं। बुधवार को जिस गुलदार को मारा गया, वह खांडगांव व हरिपुरकलां के आसपास सक्रिय था, जबकि गौहरी माफी व ठाकुरपुर गांव के आसपास भी एक नरभक्षी गुलदार मौजूद है। पार्क निदेशक सनातन के मुताबिक मोतीचूर व सत्यनारायण में 13 गुलदार देखे गए, इनमें से छह को यहां से शिफ्ट किया जा चुका है। एक को मार दिया गया है। अभी छह गुलदार मौजूद हैं, जिनमें से ओर भी नरभक्षी हो सकते हैं। इको विकास समिति के अध्यक्ष राजेश जुगलान व जिला पंचायत सदस्य अनीता कंडवाल ने सत्यनारायण में सक्रिय आदमखोर को मारने व अन्य गुलदारों को शिफ्ट किए जाने की मांग की है। बता दें कि क्षेत्र में गुलदार चार साल में अब तक 21 लोगों की जान ले चुके हैं।

Posted By: Inextlive

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