मंदिरों में बनेगी खाद

2018-10-27T06:00:31Z

मंदिर और पार्को की फूल पत्तियों से होगा कूड़ा निस्तारण

वैदिक प्रक्रिया से भी किया जाएगा कूडे़ का निस्तारण

Meerut निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में बेहतर रैंक हासिल करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। निगम शहर के कूड़े के निस्तारण के उपायों को हर स्तर पर शहर में लागू करने में जुटा है। इसके लिए शहर के विभिन्न सरकारी और निजी परिसरों में स्थापित कंपोस्टिंग यूनिट में बायो, और वर्मी कंपोस्टिंग के बाद अब निगम वैदिक कंपोस्टिंग का प्रयोग करने जा रहा है। इस कंपोस्टिंग यूनिट में मंदिरों और पार्को के फूल पत्ती, हवन सामग्री से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी।

पार्को में वैदिक कंपोस्टिंग

दरअसल, निगम ने शहर के प्रमुख मंदिरों और 100 से अधिक पार्को में रोजाना निकलने वाले प्राकृतिक कचरे जैसे फूल पत्तियां, हवन सामग्री, राख आदि को कंपोस्ट करने के लिए मंदिर और पार्को में वैदिक कंपोस्टिंग प्लांट तैयार किया है। इन प्लांट में पहली लेयर बनकर तैयार हो गई है। जिसमें करीब 50 किलो खाद बनने की उम्मीद है। जो दोबारा पेड़-पौधों के लिए प्रयोग की जाएगी। छह महीने तक इनके संचालन के लिए एजेंसी भी नियुक्त की गई है। इनमें प्रत्येक महीने चार बार कूड़ा डाला जाएगा। छह महीने बाद संबंधित विभाग खुद इनका संचालन करेंगे।

200 स्थानों पर प्लांट

इस योजना के तहत शहर के स्कूल -कॉलेजों, सरकारी संस्थानों, विभिन्न आवासीय कॉलोनियों, व्यवसायिक काम्पलेक्स, फल व सब्जी मंडी में पैदा होने वाले कूड़े को वहीं पर निस्तारित करने के लिए करीब 200 स्थानों पर कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक इस मिशन में तकरीबन 137 यूनिट लगाई जा चुकी है। इसमें विश्वविद्यालय परिसर, सूरजकुंड पार्क, माता मंशा देवी मंदिर आदि स्थानों पर वैदिक कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं।

वैदिक कंपोस्टिंग से बनने वाली खाद अन्य खाद से काफी बेहतर होगी। इन कंपोस्टिंग प्लांट से मंदिरों और पार्को में निकलने वाले कूडे़ का निस्तारण कर अच्छी खाद तैयार की जा सकेगी।

- मनोज त्रिपाठी, नोडल अधिकारी


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