Markets Ready For Ramjan

2013-07-25T11:28:00Z

Kanpur होलीदीवाली हो या फिर ईदबकरीद हर खास मौके के लिए सिटी की मार्केट हमेशा सजधजकर तैयार रहती हैं रमजान के पाक महीने में इन दिनों सिटी की मार्केट्स का यही नजारा है चमनगंज बेकनगंज नई सडक़ यतीमखाना इफ्तखाराबाद पीरोड सीसामऊ जाजमऊ हरजेन्दर नगर परेड तलाक महल नयागंज मूलगंज में जबर्दस्त रश देखा जा सकता है आलम यह है कि आम दिनों में रात नौ बजे तक खुलने वाली दुकानों में रात 12 बजे के बाद तक जमकर खरीददारी हो रही है

होली-दीवाली हो या फिर ईद-बकरीद. हर खास मौके के लिए सिटी की मार्केट हमेशा सज-धजकर तैयार रहती हैं. रमजान के पाक महीने में इन दिनों सिटी की मार्केट्स का यही नजारा है. चमनगंज, बेकनगंज, नई सडक़, यतीमखाना, इफ्तखाराबाद, पीरोड, सीसामऊ, जाजमऊ, हरजेन्दर नगर, परेड, तलाक महल, नयागंज, मूलगंज में जबर्दस्त रश देखा जा सकता है. आलम यह है कि आम दिनों में रात नौ बजे तक खुलने वाली दुकानों में रात 12 बजे के बाद तक जमकर खरीददारी हो रही है. ईरान-अरब के खजूर जहां मार्केट में धूम मचाए हुए हैं. वहीं बनारस-लखनऊ की बनी शेरवानी लुक और फ्रॉक सूट हॉट इन डिमांड बने हुए है. यही नहीं रोजा इफ्तार के लिए अमेरिकन अंगूर और चाइना के तरबूज की बिक्री जहां जोरों पर है. वहीं विदेशी टोपियों और डिजायनर स्टॉल्स की भी बम्पर बिक्री हो रही है.
ये खजूर है खास

रमजान में खजूर का विशेष महत्व होता है. रोजेदार खजूर खाकर ही अपना रोजा खोलते हैं. इसीलिए खजूर सबसे ज्यादा बिकता है. वैराइटी वाइज भी यह सूखा और गीला होता है. लेकिन इनमें गीले खजूर सबसे ज्यादा बिकते हैं. हालांकि, इस बार देसी के साथ-साथ विदेशी खजूर भी बिक रहा है. विदेशी ब्रांड में ईरान और सऊदी अरब का खजूर हॉट इन डिमांड है. देसी खजूर का पैक जहां 40 रूपए में अवेलेबल है. वहीं ईरान का कीमिया जबकि सऊदी अरब का डेट क्राउन और मरहबा खजूर 150 रूपए से लेकर 300 रूपए में खरीदा जा सकता है. परेड स्थित एक शॉपकीपर ने बताया कि अबकी लोग विदेशी खजूर काफी खरीद रहे हैं. ऐसा इसलिए भी क्योंकि इस खजूर की पैकिंग ऐसे की गई है कि इसका फ्लेवर लंबे समय तक बना रहता है.
अंगूर अमेरिकन और तरबूज चाइनीज
महंगाई में वैसे तो फ्रूट्स के दाम आसमान छू रहे हैं. मगर, इस बार फॉरेन ब्रीड के फ्रूट्स मार्केट में छाए हुए हैं. फ्रूट सेलर विक्की के अनुसार अबकी अमेरिका का अंगूर और चाइना का तरबूज खूब बिक रहा है. अमेरिकन अंगूर 400 रूपए किलो जबकि चाइना का अंगूर चाइनीज प्रोडक्ट की तरह ही काफी सस्ता है, जिसकी कीमत है 30 रूपए किलो. हालांकि, महंगाई का रंग देसी फलों पर भी खूब चढ़ा है. जिस कारण इनकी कीमतें भी बढ़ गई हैं.
फ्रूट्स             रेट
अमेरिकन अंगूर      400
इंडियन अंगूर         200
सेब                  120
प्लम                 100
खरबूजा               60
अनानास (1 पीस)   50
नाशपाती              50
केला (दर्जन)      30-40
नोट : अन्य फलों के दाम प्रति किलो के हिसाब से.
लुक-शेरवानी हैं स्पेशल
अबकी मेल्स के लिए जहां खास तरह की ‘लुक शेरवानी’ वहीं फीमेल्स के लिए फ्रॉक सूट काफी खास है. अहमदाबाद और मुंबई की लुक शेरवानी 200-2,000 रूपए में अवेलेबल है जबकि ओरिजनल शेरवानी की रेंज 2,000 से 45,000 रूपए तक है. साहब एंड संस के ओनर समीर बताते हैं कि अलीगढ़ और लखनऊ की ओरिजनल शेरवानी में अंदर से अस्तर लगा होने के साथ काफी महंगी होती है. इसलिए लुक-शेरवानी का ट्रेंड तेज हो चला है. इसमें कुर्ता-पायजामा को ही शेरवानी का लुक दिया जाता है. शेरवानी विद बैलून पायजामा भी एकदम नया ट्रेंड है.
लांग फ्रॉक सूट
अबकी मार्केट में फीमेल्स के लिए फ्रॉक सूट काफी चलन में है. इनकी डिमांड भी काफी है. नेट, जॉर्जेज और कॉटन से बनी ये ड्रेसज 250 रूपए से लेकर 20,000 रूपए तक अवेलेबल है. नयागंज स्थित देवी एंड कम्पनी शोरूम की ओनर पारूल अग्रवाल बताती हैं कि इन फ्रॉक्स पर हैंड मेड इम्ब्रायडरी वर्क किया गया है. फ्रॉक पर जहां रेशम और जरी का काम है. वहीं ऊपर की ओर वेलवेट लगाया गया है. इसमें इस्तेमाल होने वाला फैब्रिक इम्पोर्टेड नेट का है. वहीं कुर्ता-पायजामे की रेंज 500 रूपए से शुरू होकर 2,000 रूपए तक है.
अलग हैं नागरे
कुर्ता-पायजामा और शेरवानी के साथ नागरे का कॉम्बिनेशन सूदिंग होता है. इसीलिए मार्केट में नागरे भी स्पेशल डिजाइन के लॉन्च हुए हैं. ये जयपुरी डिजाइन से थोड़े से अलग होते हैं. जिन्हें खास तौर पर शेरवानी वाले फैब्रिक से ही तैयार किया जाता है. खूबसूरत लुक देने के लिए इनमें हैंडमेड वर्क भी किया जाता है. डिफरेंट डिजाइन्स के ये खूबसूरत नागरे 500 रूपए से लेकर 1,000 में खरीदे जा सकते हैं.
डिजायनर स्टॉल्स और टोपियां
डिजायनर स्टॉल्स और टोपियां भी मार्केट मेें खूब छाये हुए हैं. इनमें इंडोनेशिया के अलावा अरब और रामपुरी टोपी की बिक्री ज्यादा है. इंडोनेशिया की गोल टोपियां 30-150 रूपए में जबकि अरब की बरकाती टोपी 350-450 रूपए में अवेलेबल है. कॉटन फैब्रिक से बनी बरकाती टोपी पर मदीना की आकृति बनी होती है. वहीं रामपुरी टोपी लाल रंग की होने के साथ ही पतली और लंबी होती है. इसकी कीमत 50-150 रूपए तक है. चाइनीज टोपी 50-150 रूपए में खरीदी जा सकती है. दूसरी ओर डिफरेंट डिजाइन्स के स्टॉल्स भी खूब बिक रहे हैं. इनकी कीमत 30 रूपए से लेकर 50 रूपए तक है. वहीं सिल्क वाला स्टॉल 200-300 रूपए में बिक्री के लिए अवेलेबल हैं.



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