मूल्यांकन से घबरा रहे मास्टर साहब

2017-05-10T07:41:03Z

- मूल्यांकन से कतरा रहे 50 फीसदी टीचर्स, कार्रवाई का सता रहा डर

- यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में देरी के आसार, तीन दिन ही बचे शेष

आई एक्सक्लूसिव

स्वाति भाटिया

मेरठ। यूपी बोर्ड के मूल्यांकन खत्म होने की लास्ट डेट में महज तीन ही दिन शेष हैं, लेकिन मूल्यांकन समय पर पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। हालत यह है कि अभी भी 40 प्रतिशत कॉपियों का मूल्यांकन बाकी है। उधर शिक्षक कार्रवाई के डर से ही मूल्यांकन से मुंह फेर रहे हैं। ऐसे में चिंता है कि कहीं मूल्यांकन में कही देरी न हो जाए।

चार सेंटर्स पर मूल्यांकन

मेरठ में मूल्यांकन के लिए एसडी ब्वॉयज सदर इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, डीएन इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ में मूल्यांकन चल रहा है। इनमें एसडी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियां चेक हो रही है।

यहां 66 डिप्टी हेड व 660 एग्जामनर हैं। सेंटर पर दो लाख 25 हजार 400 कॉपियां चेक होनी है। डीएन इंटर कॉलेज में इंटर की 2 लाख 68 हजार कॉपियां चेक होनी है। यहां 52 हेड और 500 एग्जामनर हैं। राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की दो लाख 64 हजार 698 कॉपियां चेक होनी है। यहां 49 डिप्टी हेड व 474 एग्जामनर की ड्यूटी है। वहीं, बीएवी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियां चेक होंगी। यहां 2 लाख 8 हजार 337 कॉपियां है। यहां 75 डिप्टी हेड व 750 एग्जामनर की ड्यूटी है।

मूल्यांकन से किनारा

हालत यह है कि सेंटर्स पर 50 प्रतिशत शिक्षक तो मूल्यांकन के लिए आ ही नहीं रहे है। जबकि न आने पर वेतन काटने की कार्रवाई है। लेकिन वो इससे भी नहीं डर रहे हैं। क्योंकि, मूल्यांकन में गलती पर नौकरी जाने का डर है। ऐसे में शिक्षक मूल्यांकन करने से कतरा रहे हैं। डीएन के प्रिंसिपल सुशील कुमार ने बताया कि उनके केंद्र पर अधिकतर सब्जेक्ट के 50 प्रतिशत ही शिक्षक आ रहे हैं। वहीं एसडी सदर के प्रिंसिपल बी.बी बंसल ने बताया कि उनके सेंटर पर भी 50 प्रतिशत ही शिक्षक आ रहे है। जीआईसी के प्रिंसिपल फतेह ने बताया कि उनके यहां भी शिक्षक कम आ रहे हैं।

कार्रवाई का डर

दरअसल, इस बार कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही के चलते गलती होने पर नौकरी से बर्खास्त करने का निर्देश है। ऐसे में शिक्षक सेंटर्स पर मूल्यांकन न करके महज वेतन कटवाना ही बेहतर समझ रहे हैं। वहीं जो मूल्यांकन कर रहे हैं वो भी आधे दिन में कुछ ही कॉपियों का मूल्यांकन करते हैं। जिसके चलते मूल्यांकन कार्य धीमा चल रहा है। एसडी सदर के प्रिंसिपल बीबी बंसल ने बताया कि कुछ शिक्षक आधे काम में ही घर जाने की जल्दी करते हैं, कॉपियां आराम से व डरकर चेक करते है, ऐसा इसलिए ताकि उनसे किसी तरह की गलती न हो। डीएन के प्रिंसिपल सुशील ने बताया कि शिक्षकों को डर है कि उनकी एक गलती उनका बड़ा नुकसान कर सकती है, इसलिए वो संभलकर कॉपियां चेक कर रहे हैं।

ये है सख्त निर्देश

- लापरवाही से अधिक नम्बर या कम हो गए या फिर किसी तरह की सेटिंग की तो नौकरी से किया जाएगा बर्खास्त।

- ड्यूटी से गायब रहने पर कटेगा वेतन

- मोबाइल का इस्तेमाल वर्जित है

- बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है

- काटे हुए पर नम्बर न दे।

- स्टैप वाइस मार्किंग करे

- पहली कॉपी डीआईओएस स्तर पर चेक होगी।

- कॉपियों से निकले पैसो की नहीं होगी चाय पार्टी

- समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचना होगा

कहां कितने परसेंट है शेष

कॉलेज टोटल कॉपी कितनी प्रतिशत चेक हुई

डीएन इंटर कॉलेज 2, 68,000 60 प्रतिशत

जीआईसी मेरठ 2,64,698 55 प्रतिशत

एसडी सदर 2,25, 400 76प्रतिशत

बीएवी इंटर कॉलेज 2, 08, 337 75 प्रतिशत

वर्जन

मूल्यांकन के लिए शिक्षक कम पड़ रहे हैं, कुछ सब्जेक्ट है जिनमें शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। उनकी रिपोर्ट तैयार की गई है। जिन पर कार्रवाई की जाएगी।

श्रवण कुमार यादव, डीआईओएस


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