आगरा में मां ने ही रची थी बेटे के अपहरण की फर्जी कहानी

2019-02-10T06:00:07Z

मकान हड़पने को थाने में दर्ज कराया था मुकदमा

मामला खुलने पर पुलिस ने चौथ वसूली में जेल भेजा

आगरा। थाना एत्माद्उद्दौला में मकान हड़पने के लिए मां ने बेटे के किडनैपिंग की फर्जी कहानी बना दी। नामजद मुकदमा कराने के बाद वह कार्रवाई को हाईकोर्ट में पुलिस को तलब करा रही थी। शुक्रवार को पुलिस ने बेटे को सदर एरिया से बरामद कर मामले का खुलासा कर दिया। इसके बाद उसे चौथ वसूली के मुकदमे में जेल भेज दिया।

मामला लग रहा था संदिग्ध

न्यू सीता नगर निवासी चंद्रवती ने 11 अगस्त 2018 को अपने बेटे अर्जुन के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। उसने गुलाब नगर निवासी राजवीर, प्रदीप, मुकेश पुत्र नन्नूमल और मुकेश पुत्र नेमी पर अगवा करने और घर आकर गाली गलौज का आरोप लगाया। पुलिस को मामले पर शुरू से ही संदेह था। इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। इसको लेकर महिला ने हाईकोर्ट में गुहार लगा दी।

ऑटो चलाते समय पकड़ा

हाईकोर्ट ने विवेचक को तीन बार तलब किया। पुलिस युवक की तलाश में लगी थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस को उस समय सफलता मिली जब शुक्रवार को उसके सदर एरिया में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन को ऑटो चलाते समय पकड़ लिया। विवेचक इंस्पेक्टर जैनुल हसन ने बताया कि युवक की मां ने फर्जी अपहरण की कहानी बनाई थी।

मकान हड़पने को गढ़ी कहानी

बरामद युवक ने पूछताछ में बताया कि मकान हड़पने के लिए उसे मां ने सदर क्षेत्र में किराए पर कमरा दिला दिया। इसके बाद वह ट्रक चला रहा था। उधर, उसकी मां मकान पर कार्रवाई न करने के लिए नामजद लोगों से 10 लाख की मांग कर रही थी। पुलिस ने चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज कर शनिवार को अर्जुन को जेल भेज दिया।

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यह है मकान का विवाद

चंद्रवती ने अपना 100 वर्ग गज का प्लॉट साल 2005 में सिकंदरा के आवास विकास कॉलोनी निवासी रिटायर्ड रेलवेकर्मी रमेश चंद शर्मा को बेचा था। उन्होंने मकान बनवा लिया। इसके बाद चंद्रवती मकान में किराए पर रहने लगी। बाद में चंद्रवती ने यह घर दोबारा अगस्त 2016 में 10 लाख रुपये में गुलाब नगर निवासी राधा पत्नी राजवीर को बेच दिया।

थाने में दिखाई अपनी-अपनी रजिस्ट्री

2017 में रेलवे कर्मी मकान पर गए तो वहां दूसरे युवक का परिवार मिला। मालिकाना हक पर विवाद के बाद दोनों थाने पहुंचे और अपनी-अपनी रजिस्ट्री दिखाई। 18 अक्टूबर 2017 राजवीर की तहरीर पर थाने में चंद्रवती, उसके पति मिहीलाल, बेटे अर्जुन और करन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें पुलिस ने चंद्रवती और मिहीलाल को जेल भेज दिया।

बाहर आते ही लिखाए फर्जी मुकदमे

चंद्रवती ने जेल जाने के 6 महीने बाद जमानत पर छूटने पर राजवीर समेत अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा लिखा दिया। इस मामले में प्रदीप, मुकेश पुत्र निन्नूराम और मुकेश पुत्र नेम सिंह ने राजवीर के पक्ष में बयान दिए। पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद वह पुलिस के खिलाफ शिकायत करती रही। कुछ न होने पर महिला ने अब बेटे के अपहरण का मुकदमा लिखा दिया। इसमें राजवीर की मदद करने वालों को भी नामजद करा दिया।

Posted By: Inextlive

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