गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले को लेकर मायावती ने पीएम से की ये मांग

2018-10-10T12:56:15Z

बसपा अध्यक्ष मायावती कहा कि उत्तर भारतीय लोगों ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया इसका उदाहरण पीएम मोदी को वाराणसी से सांसद बनाना है। उन्होंने पीएम से मांग की है कि वे इस मुद्दे पर तत्काल बयान देकर इसकी रोकथाम का प्रयास करें। खासकर सोशल मीडिया पर चलने वाले इस तरह के घातक अभियानों को सख्ती से रोकने की आवश्यकता है।

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LUCKNOW : बसपा अध्यक्ष मायावती कहा कि उत्तर भारतीय लोगों ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया, इसका उदाहरण पीएम मोदी को वाराणसी से सांसद बनाना है। उन्होंने पीएम से मांग की है कि वे इस मुद्दे पर तत्काल बयान देकर इसकी रोकथाम का प्रयास करें। खासकर सोशल मीडिया पर चलने वाले इस तरह के घातक अभियानों को सख्ती से रोकने की आवश्यकता है।
 
कांग्रेस ने प्रदर्शन कर जताया विरोध
वहीं दूसरी ओर गुजरात में यूपी के लोगों पर हो रहे हमलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के निर्देश पर प्रदेश की सभी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों द्वारा प्रदर्शन कर विरोध किया गया। उन्होंने इस घटना को दुखद और अमानवीय करार देते हुए कहा कि गुजरात में उत्तर भारतीयों खासकर यूपी एवं बिहार के लोगों को अपने-अपने राज्यों को वापस जाने के लिए विवश करने के लिए घटनाएं शुरू की गयीं। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि लगभग 40 हजार से अधिक लोगों के पलायन होने तक वहां की सरकार और जिम्मेदार अधिकारी ने इसे रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए। कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके अलावा समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि गुजरात में हुई घटनाएं दुखद हैं। यह संविधान की मूल भावना को ठेस पहुंचाने वाली हैं। सेक्युलर मोर्चा इसकी निंदा करता है।  

भाजपा विधायक ने लिखा पत्र

 वहीं इस मामले में बांदा के तिंदवारी से भाजपा विधायक ब्रजेश कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण के लिए कांग्रेस नेताओं  को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि बांदा से भारी संख्या में लोग गुजरात जाकर रोजगार करते हैं। उन पर हमला करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यूपी और बिहार के लोगों के मान-सम्मान और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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