तो क्या इसलिए मायावती की मीटिंग में मोबाइल था बैन उतरवाए गए थे ताबीज भी

2019-06-24T10:08:21Z

मायावती की मीटिंग में सख्ती बरतने का मामला काफी चर्चा में है।बैठक में शामिल होने से पहले नेता व कार्यकर्ताओं को अपने बैग मोबाइल फोन पेन कार की चाभियां और ताबीज आदि तक बाहर ही जमा करने पड़े।

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LUCKNOW : बैठक में देश भर से आए पार्टी के करीब 500 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था। आमतौर पर बसपा की बैठक में पदाधिकारियों को अपने जूते उतारकर जाने की अनुमति होती है पर इस बार उनके मोबाइल फोन के साथ पेन, पर्स, बैग, कार की चाबी व गले में पड़े ताबीज भी उतरवा कर बाहर काउंटर पर जमा करवा दिए गये। सूत्रों की मानें तो बैठक में हुई चर्चा की रिकॉर्डिंग न हो सके, इसलिए मायावती ने पहली बार इतनी सख्ती बरती।

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उपचुनाव 2022 का लिटमस टेस्ट
मायावती ने यूपी की 12 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले लिटमस टेस्ट की तरह लडऩे के निर्देश देते हुए पहले की तरह भाईचारा समितियों को मजबूत व सक्रिय बनाने को कहा। बैठक में मायावती ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' फॉर्मूले को खारिज करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को भी निशाने पर रखा। प्रदेश व केंद्र सरकार के साथ चुनाव आयोग को भी जमकर कोसा।



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