मध्यस्थता का निर्णय नेक नीयत से भरा मायावती

2019-03-09T13:51:16Z

मायावती ने राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत।

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LUCKNOW : बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर को लेकर मध्यस्थता शुरू करने के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट ने बंद कमरे में बैठकर मध्यस्थता करने का जो आदेश दिया है, बसपा उसका स्वागत करती है। अयोध्या मामले का सभी पक्षों को स्वीकार्य तौर पर निपटारे का यह ईमानदार प्रयास है। मायावती ने जूता कांड पर ट्वीट कर कहा कि बीजेपी के सांसद और विधायक सरकारी बैठक में ही आपस में ऐसे लात-जूतों से भिड़े कि देश दुनिया में चर्चा में आ गये। जय हो, बीजेपी एंड कंपनी का यही एक रूप जनता के सामने आना बाकी रह गया था जिसकी कमी लोकसभा के चुनाव से पहले पूरी हो गयी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि देश की आधी आबादी रखने वाली महिलाओं खासकर परिवार, समाज व देश की भलाई में समर्पित सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई।
आठ हफ्ते में मध्यस्थता की कार्यवाही पूरी करने का आदेश
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए मध्यस्थता के लिए भेज दिया। अलादत ने मध्यस्थता के लिए एक पैनल बनाने का भी फैसला सुनाया, जिसके प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज एफएम कलीफुल्ला होंगे। मध्यस्थों में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर और सीनियर वकील श्रीराम पंचू शामिल हैं। अदालत ने पैनल को चार सप्ताह के भीतर अयोध्या मामले पर अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने पैनल को आठ हफ्ते में मध्यस्थता की कार्यवाही पूरी करने के लिए भी कहा।

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