मधुर भंडारकर की खूनी हिरोइन

2012-04-19T14:07:00Z

ALLAHABAD दोनों छोटे शहरों से निकलीं एक इलाहाबाद से दूसरी देहरादून से दोनों की आंखों में सुनहरे सपने सजे थे ग्लैमर की दुनिया में मुकाम बनाने निकली मीनाक्षी और प्रीति हीरोईन थीं दोनों मधुर भंडारकर की हीरोईन मूवी में छोटेछोटे रोल कर रही थीं इन दो हीरोइनों के बीच एक खूनी हीरो भी है वो है अमित जायसवाल प्रीती अमित के साथ ही मुंबई गई थी दोनों की मंजिल बॉलीवुड थी और जब रास्ते एक हों तो प्यार हो जाता है बहरहाल ग्लैमर की वो चकाचौंध कर देने वाली दुनिया में तीनों का संघर्ष दोस्ती में तब्दील हुआ तीनों को करियर का सबसे अहम ब्रेक मिला और फिर दोस्त दोस्त न रहा खूनी बन गया मीनाक्षी के स्टाइल कॉन्फीडेंस और खूबसूरती ने प्रीती के दिल में कहीं कमतरी का अहसास पैदा कर दिया जो कत्ल की वजह बना

आगे बढऩे की होड़ ने उन्हें पछाड़ दिया
अच्छा खासा फैमिली बैकग्राउंड. खुद का सैटिल्ड बिजनेस. लेकिन, यह पड़ाव था दोनों की जिंदगी का. मंजिल नहीं. सपने देख रखे से बॉलीवुड में पांव जमाने के. इसे हकीकत में बदलने के लिए बॉलीवुड में किस्मत आजमाने पहुंचे थे. छोटा-मोटा काम भी मिल गया तो लगा कि किस्मत बदलने वाली है. लेकिन, आगे बढऩे की होड़ ने उन्हें पछाड़ दिया. उस मुकाम तक पहुंचा दिया जहां से जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना भी मुश्किल है. दोनों अब जेल में रहेंगे क्योंकि इनके हाथ अपने ही एक साथी एक्ट्रेस के खून से रंग चुके हैं.

कौन है अमित जायसवाल
बेसिकली इलाहाबाद के रहने वाले अमित के पिता सुरेन्द्र जायसवाल एडवोकेट हैं. उनका पैतृक आवास फाफामऊ में है. अमित के पिता ने ममफोर्डगंज में भी अपना मकान बनवा रखा है. पढ़ाई पूरी करने के बाद अमित ने यहीं पर कोचिंग का बिजनेस शुरू किया था. तिरुपति एकेडमी का का वह डायरेक्टर था. अमित की शादी प्रीती नामक युवती से हुई थी. इससे उसे दो बच्चे भी हैं. एरिया में लाले के नाम से मशहूर अमित ने 2011 में इलाहाबाद छोड़ दिया था. शुरू से ही ग्लैमर वल्र्ड से प्रभावित अमित अपने घर में ही शुरुआती दिनों में डांस क्लास चलाया करता था. वह नियमित तौर पर जिम जाता था ताकि पर्सनैलिटी अट्रैक्टिव बनी रहे. इसी के दम पर उसे भोजपुरी फिल्मों में काम करने का मौका भी मिला. इसे सीढ़ी बनाकर वह बॉलीवुड का सफर तय करना चाहता था.
कौन है प्रीती सुरीन
प्रीती एल्विन सुरीन सिटी के ही दरभंगा कालोनी की रहने वाली है. उसके पिता नवीन सुरीन ब्वॉयज हाई स्कूल के इम्प्लाई हैं. कॅरियर को लेकर एम्बिशियस प्रीती की जिंदगी अमित के सम्पर्क में आने के बाद बदल गई. दोनों की मुलाकात तिरुपति एकेडमी में ही हुई थी. वह अमित से इतना प्रभावित थी कि उसके साथ ही रहने लगी. इसी चक्कर में अमित ने अपनी वाइफ प्रीती जायसवाल से दूरी बना ली. प्रीती सुरीन की मुलाकात मीनाक्षी से मधुर भंडारकर की आने वाली मूवी हिरोइन के सेट पर हुई थी. यहीं से दोनों करीब आए.
कौन थी मीनाक्षी थापा
मूलरूप से नेपाल की रहने वाली मीनाक्षी थापा के पिता ओएनजीसी देहरादून में पोस्टेड है. मीनाक्षी की स्कूलिंग रिनाउंड दून स्कूल से हुई थी. मीनाक्षी ने एविएशन में डिप्लोमा किया. लेकिन उसका झुकाव डांस की ओर था. इसी के चलते उसने सेंट जोसेफ एकेडमी में बतौर डांस टीचर काम भी किया था. उसके भाई नवराज आर्मी में श्रीनगर में पोस्टेड हैं. मां कमला थापा देहरादून में रहती है. उसकी मां एफआरआई में काम करती हैं. उसके एक अन्य भाई का नाम विक्की थापा है. बड़ी बहन हेमू की शादी अजय थापा से हो चुकी है. मीनाक्षी पहली बार बंगला नंबर 404 एरर नॉट फाउंड में एक छोटे से रोल में दिखी थी. वर्तमान समय में वह मधुर भंडारकर की स्टारर मूवी हिरोइन में भी रोल प्ले कर रही थी. इसी मूवी की शूटिंग के दौरान उसकी मुलाकात इलाहाबाद के रहने वाले अमित जायसवाल और प्रीती सुरी से हुई थी. सोर्स बताते हैं कि इसी मूवी में काम करने के दौरान तीनों दोस्त बने और फिर दुश्मन भी.
तीनों की मंजिल एक थी
मीनाक्षी, अमित और प्रीती. तीनों ग्लैमर वल्र्ड में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करने घर से निकले थे. प्रीती का फैमिली बैकग्राउंड भले ही थोड़ा कमजोर था लेकिन अमित और मीनाक्षी का फैमिली बैकग्राउंड मजबूत था. मीनाक्षी की लाइफ स्टाइल और प्रजेंटेशन को देखकर अमित और प्रीती उससे इंप्रेस हुए. हालांकि पुलिस की तरफ से जो कहानी बताई गई है उसके मुताबिक अमित और प्रीती को जल्द से जल्द, ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना था. इसी चक्कर में उन्होंने मीनाक्षी से दोस्ती की और पैसा हथियाने के लिए ही उन्होंने मीनाक्षी का अपहरण भी किया. मीनाक्षी के अपहरण की सूचना देहरादून और गुमशुदगी की सूचना मुंबई में करीब एक महीने पहले दर्ज कराई गई थी. गुमशुदगी की रिपोर्ट भाई की ओर से और अपहरण की रिपोर्ट मां की ओर से की गई थी.
फिरौती ही है कारण या कुछ और
मुबई क्राइम ब्रांच टीम की तरफ से मीनाक्षी की हत्या का अभी तक जो कारण बताया गया है उसके मुताबिक फिरौती की रकम न मिल पाना है. फिरौती के रूप में मीनाक्षी के परिवारवालों से 15 लाख रुपए मांगे गए थे. मीनाक्षी की मां सिर्फ 60 हजार रुपए का जुगाड़ कर पाई. इस धनराशि को उसने मीनाक्षी के एकाउंट में ही 30-30 हजार रुपए करके जमा किया था. पुलिस के मुताबिक इस पैसे को निकालने के लिए ही अमित और प्रीती ने मीनाक्षी का एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया था. पुलिस भले ही इस ट्रैक पर काम कर रही हो लेकिन पर्दे के पीछे का सच शायद कुछ और ही है. क्योंकि सिर्फ इस धनराशि से एक भोजपुरी मूवी भी तैयार नहीं हो सकती. इस धनराशि का बंटवारा दो हिस्सों में होता तो अमित और प्रीती को सिर्फ 7.5-7.5 लाख रुपए ही मिलती. यह धनराशि मुंबई जैसे शहर में किसी की किस्मत बदलने वाली हो सकती है. यह भी गले के नीचे नहीं उतरता. फिर वह कौन सा कारण है? जिसके चलते दोनों ने मीनाक्षी को मौत के घाट उतार दिया? सोर्सेज की मानें तो हिरोइन में तीनों जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर ही काम कर रहे थे. प्रीती को लगता था कि मीनाक्षी उसकी तरक्की के रास्ते का रोड़ा बन रही है. इसी के चलते प्री प्लांड तरीके से उसे रास्ते से हटा दिया गया.



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