पूर्व सपा नेता महताब आलम 31 करोड़ की धोखाधड़ी में फंसे

2019-06-18T10:39:18Z

कानपुर के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष मेहताब आलम 31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बुरी तरह फंस गये है

- इलाहाबाद बैंक के साथ की थी भाई ने ठगी, पूरा पैसा डकारा

- ईडी ने जाजमऊ पर पेट्रोल पंप को किया अटैच, बनी सरकारी संपत्ति

- एक्सपोर्ट की जगह फिल्म में लगाया पैसा, फ्लॉप होने से डूबी रकम

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : मेहताब आलम पहले से कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे मेहताब आलम और उसके भाई इरशाद आलम के खिलाफ इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने कानपुर स्थित इलाहाबाद बैंक की मेन ब्रांच से 31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. खास बात यह है कि इस मामले की जांच पहले सीबीआई ने की थी जिसने मेहताब आलम को अपनी एफआईआर और चार्जशीट में आरोपी नहीं बनाया था. वहीं जब ईडी ने पूरे प्रकरण की गहनता से पड़ताल की तो पता चला कि इरशाद आलम ने बैंक से एक्सपोर्ट के नाम पर ली गयी 31 करोड़ रुपये की रकम में से अधिकांश मेहताब आलम को दी थी जिसका इस्तेमाल उसने अपने राजनैतिक रसूख को बढ़ाने में किया था.

मांगा एक्सपोर्ट को, बनाने लगे फिल्म
ईडी द्वारा अदालत में दाखिल चार्जशीट में आरोप है कि मेहताब आलम के भाई इरशाद आलम ने वर्ष 2004 से 2006 के दरम्यान अपनी दो कंपनियों हामिद लेदर फिनिशर्स और हामिद सन एक्सपो‌र्ट्स के जरिए कानपुर स्थित इलाहाबाद बैंक की मेन ब्रांच से एक्सपोर्ट के लिए 31 करोड़ रुपये का एडवांस लिया था और बाद में पूरी रकम को हड़प गया था. बैंक की शिकायत पर इस मामले की जांच सीबीआई ने की जिसमें इरशाद आलम को दोषी पाते हुए चार्जशीट लगाई गयी. इसके बाद यह मामला जांच के लिए ईडी के पास आ गया. ईडी ने जब इस मामले की गहनता से पड़ताल की और इरशाद आलम और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों को खंगाला तो पता चला कि इस रकम को कई जगह डायवर्ट किया गया. इसमें से 18 करोड़ रुपये इरशाद आलम ने मुंबई की मशरेक कम्युनिकेशन के बैनर तले बनने वाली फिल्म ताजमहल में निवेश कर दिए. इस फिल्म में इरशाद मशहूर फिल्म निर्माता अकबर खान के साथ को-प्रोडयूसर था. यह फिल्म वर्ष 2006 में रिलीज हुई थी पर बुरी तरह फ्लॉप हो गयी. इससे यह रकम डूब गयी.

बाकी रकम मेहताब को दी
ईडी ने जब इस मामले की पर्ते उधेड़नी शुरू की तो पता चला कि इरशाद ने बाकी रकम में से अधिकांश अपने भाई मेहताब आलम को दी थी जिसने इसका इस्तेमाल अपना राजनैतिक रसूख बढ़ाने में किया था. इस रकम से कानपुर में कई जगह निवेश किया गया जिसमें उसका जाजमऊ स्थित पेट्रोल पंप भी शामिल है. इसके बाद ईडी ने इस पेट्रोल पंप को बीते सितंबर माह में अटैच कर लिया जिसका अटैचमेंट दो माह पहले कंफर्म हो चुका है. लिहाजा जल्द ही यह पंप पूरी तरह ईडी के कब्जे में अा जाएगा.

लंबे समय तक रहा फरार
सपा सरकार में सुर्खियों में रहने वाले मेहताब आलम फिलहाल शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं. सपा सरकार में निर्माणाधीन इमारत के जमीदोज होने के बाद मेहताब आलम डेढ़ साल तक फरार रहा जिसके बाद उसके आवास की कुर्की की गयी थी. इसके बाद मेहताब की सपा से दूरियां बढ़ती चली गयी और उसने प्रसपा का दामन थाम लिया.

- 31 करोड़ रुपये इलाहाबाद बैंक मेन ब्रांच से लिए थे एडवांस

- 2004-06 के बीच दो कंपनियों के नाम पर लिया था पैसा

- 18 करोड़ रुपये का निवेश ताजमहल फिल्म में किया गया था

- 2012 में सीबीआई ने बैंक की शिकायत पर दर्ज की एफआईआर

- 2014 में सीबीआई ने इरशाद समेत अन्य आरोपितों को पाया दोषी

- 2014 में सीबीआई की चार्जशीट के बाद ईडी ने दर्ज किया केस

- 1.5 करोड़ रुपये की कीमत का जाजमऊ स्थित पेट्रोल पंप किया अटैच


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