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2011-11-20T17:06:00Z

आई नेक्स्ट ने जो आशंका जताई थी वैसा ही हुआ सैटरडे को कानपुर महोत्सव के ओपनिंग सेलिब्रेशेन के दौरान फूलबाग के आसपास के एरिया में ट्रैफिक की सिचुएशन आ गई

महोत्सव में एन्ज्वाय के लिए पहुंचे विजिटर्स पसीना बहाकर परेशान हुए. कुछ लोग तो स्पॉट तक पहुंच पाए, जबकि कई को घण्टों जाम में सर खपाने के बाद ऐसे ही वापस लौटना पड़ा. वीआईपीज की एंट्री और एक्जिट एक ही गेट के होने की वजह से कई बार ट्रैफिक रोका गया. जिसने यहां की स्थिति और भी खराब हो गई.
फ्राईडे को आई नेक्स्ट ने महोत्सव में ट्रैफिक मिसमैनेजमेंट के बारे में बताया था. सैटरडे को टीम ने महोत्सव स्थल के आसपास कुछ प्वाइंट्स पर रियलिटी चेक किया. आइए जानते हैं कैसा रहा यहां का हाल. 

फूलबाग चौराहे पर फंसे
महोत्सव के शुभारंभ का वक्त करीब आने के साथ चौराहे पर वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही थी. ट्रैफिक डायवर्जन न होने से आम दिनों में चौड़ी लगने वाली यह रोड कुछ मिनटों में ही संकरी हो गई. अपने व्हीकल्स की पार्किंग के लिए नानाराव पार्क की तरफ बढ़ रहे विजिटर्स हैवी जाम में फंस गये.
यहां तक कि शहर के डीआईजी राजेश राय की गाड़ी भी घण्टों जाम में फंसी रही. दो तरफ से ट्रैफिक रोंक कर उनकी गाड़ी को निकाला जा सका. व्हीकल्स के हैवी नंबर्स से ट्रैफिक सिस्टम यहां भी पूरी तरह से फेल हो गया. वनवे माल रोड में व्हीकल्स उल्टे ही जाने लगे. सिचुएशन के बहुत खराब हो जाने से ट्रैफिक पुलिस के कुछ जवान चौराहे पर तो पहुंचे पर जाम को खुलवाने में नाकाम दिखे.
...अब कैसे पहुंचेंगे घर
सैटरडे शाम को ऑफिस से जल्दी छुट्टी मिलने के बाद भी कानपुराइट्स टाइम से घर नहीं पहुंच सके. शुक्लागंज से सिटी में आकर जॉब करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई. कंपनी बाग, एलआईसी चौराहा होते हुए शुक्लागंज को जोडऩे वाली रोड पर देर रात तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही. एडमिनिस्ट्रेशन ने पार्किंग के लिए नानाराव पार्क में अरेंजमेंट किया था.



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