विद्यापीठ में पोर्टल से खत्म होगी 'नेतागिरी'

2019-07-17T06:00:25Z

स्टूडेंट्स सीधे यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को बता सकेंगे परेशानी

शिकायतों का एडमिनिस्ट्रेशन की समिति करेगी समाधान

छोटी-छोटी बातों पर विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रेखा खींचने वाले छात्र नेताओं की नेतागिरी पर लगाम लगाने की तैयारी चल रही है। धरना-प्रदर्शन के जरिए शैक्षणिक माहौल को तल्ख करने वाले छात्रों की दुकानदारी बंद करने के लिए काशी विद्यापीठ ने पोर्टल लांच करने की योजना बनाई है। छात्र इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न मुद्दों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यूनिवर्सिटी की समिति शिकायतों का तत्काल परीक्षण कर त्वरित समाधान करेगी और नौबत धरने तक नहीं पहुंचेगी।

खोजते रहते हैं बहाना

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में कुछ छात्रनेता नेतागिरी चमकाने के लिए आंदोलन का बहाना खोजते रहते हैं। पेयजल की समस्या तो कभी क्लास रूम में पंखा न चलने जैसी छोटी-छोटी समस्या उठाते रहते हैं। इसके अलावा हास्टल की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी बीच-बीच में नेतागिरी होती है। कक्षा बहिष्कार कर छात्रनेता पंत प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ जाते हैं। कुछ छात्रों की समस्याओं के चलते पूरे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के साथ कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित होता है। इसे देखते हुए विवि प्रशासन ने पोर्टल लांच करने का निर्णय लिया है ताकि स्टूडेंट्स को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए छात्रनेताओं का सहयोग न लेना पड़े। वह अपनी बात सीधे विवि प्रशासन तक पहुंचा सके और उसका समय से समाधान किया जा सके।

कैंपस में छोटी-छोटी इंफारमेशन के लिए स्टूडेंट्स को आफिसेज का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे उनका टाइम किल होता है। इसे देखते हुए पोर्टल बनाया जा रहा है। इस पर सभी जानकारी स्टूडेंट्स पा सकते हैं। इसके अलावा समस्याओं का समाधान भी संभव होगा।

प्रो। टीएन सिंह, कुलपति


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