गंगा नदी में लापता खलासी का मिला शव

2019-01-02T06:01:11Z

पांटून पुल नंबर 12 से 26 दिसंबर 2018 की रात गंगा में गिरा था ट्रक

हादसे के छह दिन बाद पांटून पुल नंबर 11 के पास से बरामद हुआ शव

PRAYAGRAJ: कुंभ मेला सेक्टर पांच के पांटून पुल नंबर 12 पर 26 दिसंबर 2018 की रात प्लाईवुड लाद कर आ रहा ट्रक गंगा में पलट गया था। ट्रक चालक को स्थानीय नाविकों ने बचा लिया था। खलासी फरियाद अली (22) लापता था। सूचना पहुंचे परिजन यहां डटे हुए थे। मंगलवार को सर्च आपरेशन में जुटी पुलिस ने पांटून पुल नंबर 11 के पास से खलासी का शव बरामद किया। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दारागंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

शव देखते ही चीख पड़ा चाचा

मुजफ्फर नगर स्थित चरथौल थाना क्षेत्र के कुलेहड़ी निवासी खलासी फरियाद अली पुत्र कामिल ट्रक चालक अब्दुल रहमान के साथ हरियाणा के यमुनानगर से प्लाईवुड लाद कर मेला आ रहा था। ट्रक लेकर चालक खलासी के साथ 26 दिसंबर 2018 की रात झूंसी पहुंचा। झूंसी से मेला क्षेत्र में घुसा और सेक्टर पांच के पांटून पुल नंबर 12 से परेड की तरफ आने लगा। अचानक पुल बैठ गया और ट्रक गंगा नदी में पलट गया। यह देख स्थानीय लोगों ने चालक को बचा लिया, लेकिन खलासी फरियाद लापता हो गया। उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। मंगलवार की सुबह आठ बजे पांटून पुल नंबर 11 से उसकाशव बरामद हुआ। शव देखते ही चाचा मो। सद्दाम दहाड़ कर रो पड़ा। खलासी की शादी नहीं हुई थी। वह तीन भाई और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था।

अभी नहीं निकाला जा सका ट्रक

घटना को हुए हफ्ते भर का समय बीत गया। आज तक मेला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी गंगा में पलटे ट्रक को बाहर नहीं निकाल सके हैं। अधिकारियों की यह नाकामयाबी देख लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि मेला में काम चल रहा है। तमाम हाई क्षमता वाली मशीनें मेला क्षेत्र में मौजूद हैं। एक से बढ़ कर एक इंजीनियर भी हैं। बावजूद इसके नदी से ट्रक का अब तक न निकल पाना एक बड़े सवाल को जन्म दे रहा है।

तो शायद बच जाता खलासी

मृतक खलासी फरियाद के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस संजीदगी से उसकी तलाश की होती तो शायद उन्हें इतने दिन यहां रहकर कष्ट न झेलना पड़ता। हादसे के बाद पुलिस ट्रक व उस पर लादी गई प्लाईवुड को बचाने में जुटी रही। मगर लापता खलासी की तलाश शिद्दत से नहीं की गई। जबकि वह घटनास्थल के पास ही बने अगले पांटून पुल नंबर 11 के पास फंसा हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि उसी तत्परता दिखाई गई होती तो हो सकता है उसकी जान बच जाती।


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