मिड डे मील में बच्चों को अब फल की जगह मिलेगा दूध

2019-01-23T11:08:27Z

रांची के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों काे मिड डे मील में फल की जगह दूध मिलेगा।

ranchi@inext.co.in
RANCHI: सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में मौसमी फल देना विभाग के लिए अब चुनौती बनती जा रही है. ऐसे में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने फलों की बढ़ती कीमत और किल्लत को देखते हुए बच्चों को दूध देने का निर्देश जारी किया है. इस बाबत एमडीएम डायरेक्टर शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि नॉन वेज में मे अंडा और वेज में मौसमी फल बच्चों को देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कई जगह से मौसमी फल न मिलने की शिकायत आने के बाद बच्चों को दूध देने का फैसला लिया गया.

स्कूलों को लेना है फैसला
एमडीएम डाएरेक्टर ने बताया कि मिड डे मील में बच्चों को फल की बजाय दूध देने की कोई अनिवार्य बाध्यता नहीं है. स्कूलों को सिर्फ फल या दूध में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है. वैसे, इस मामले में जब डायटिशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह ली तो बताया गया कि कोई भी फल अंडे का विकल्प नहीं हो सकता है, जबकि दूध करीब-करीब अंडे की तरह पोषण में लाभदायक है. इसलिए स्कूलों को सलाह दी है कि वे फल की किल्लत होने की स्थिति में बच्चों को दूध उपलब्ध कराएं.

45 लाख बच्चों को अतिरिक्त पोषण
इस समय राज्य में 35853 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में करीब 45 लाख बच्चे हैं. सप्ताह में दो दिन अंडा या मौसमी फल अतिरिक्त पोषण के रूप में इन्हें दिया जाता है. दूध और अंडे की व्यवस्था करने का काम स्कूल मैनेजमेंट का होगा.


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