MillennialsSpeak बरेली में #RaajniTEA जॉब पाने के लिए नहीं बल्कि देने के लिए लें एजुकेशन

2019-02-20T11:36:51Z

BAREILLY : आगामी लोकसभा इलेक्शन को लेकर शाहजहांपुर रोड हाइवे पर स्थित लोटस मैनेजमेंट कॉलेज में दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम ने मिलेनियल्स स्पीक प्रोग्राम में स्टूडेंट्स की मन की बात को जाना। ग्राउंड में हल्की धूप में मिलेनियल्स की सियासी समझ, बेबाक बयानबाजी महौल को और गरमा रही थी। देश की सिक्योरिटी पर मिलेनियल्स खुलकर बोले। इलेक्शन के साथ ही एजुकेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विकास, रोजगार, करप्शन आदि पर स्टूडेंट्स ने अपने विचार रखे। पढ़े लिखे और साफ छवि वाला नेता को चुनने की बात कही.आज दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम मिलेनियल्स टॉक के लिए गांधी उद्यान पार्क में दोपहर क्ख् बजे पहुंचेगी।
रोजगार देने के लिए करें पढ़ाई
राजनी-टी के मिलेनियल्स टॉक में डिबेट में स्टूडेंट्स ने अपनी-अपनी राय दी। डॉ। आशीष ने कहा कि हम सभी लोग पढ़-लिखकर सिर्फ रोजगार की तलाश में रहते हैं, लेकिन हम यह क्यों नहीं सोचते है कि हम रोजगार मुहैया कराने वाले बने। आशीष की बात का समर्थन करते हुए सिद्धार्थ सक्सेना ने कहा कि यह बात ठीक है, इसीलिए बेरोजगारी बढ़ रही है। मेरा भी मानना है कि रोजगार उतना नहीं है जितने कॉलेजों से लोग पढ़ाई पूरी कर निकल रहे हैं। हम इस तरह से सोचकर ही पढ़ाई करे ताकि रोजगार खुद स्थापित कर दूसरों को भी दे सके।
प्रोसेस करे आसान
सरकार को चाहिए जो भी पढ़े-लिखे स्टूडेंट्स रोजगार शुरू करना चाहते हैं तो उनके लिए लोन लेने वाले प्रोसेस को आसान बनाए। सतेन्द्र ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों की भी दशा सुधारे क्योंकि हमारा देश कृषि प्रधान देश है और हमारे देश में किसानों की हालत सबसे अधिक खराब है। इसके लिए किसान जो हमारे देश का अन्नदाता हैं, उसकी स्थिति सुधारने की जरूरत है.्र
करप्शन पर बदले सोच
डिबेट को बढ़ाते हुए सानिया ने कहा कि ग‌र्ल्स की सुरक्षा के लिए कई दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है। इसके लिए जो भी कानून बना है उसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसी बीच नेहा ने समर्थन करते हुए कहा कि महिलाएं कहीं न कहीं असुरक्षित महसूस करती है। इसके लिए महिला और पुरुष को समान दृष्टि से देखने के लिए सोच बदलने की जरूरत है।
सहयोग करेंगे तो खत्म होगा करप्शन
शिवानी ने कहा कि करप्शन तो सभी खत्म करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए कोई सहयोग नहीं करता है। सिद्धार्थ ने कहा कि करप्शन जब ही रुक सकता है, जब हम सभी सहयोग करेंगे। हम सभी जब रिश्वत देते हैं तभी कोई रिश्वत ले सकता है। अगर रिश्वत देना बंद कर दें तो करप्शन अपने आप ही खत्म हो जाएगा।

 

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मेरी बात
-पब्लिक करप्शन से छुटकारा पाना चाहती है, लेकिन उसमें कहीं न कहीं वह खुद भी भागीदार है। करप्शन से छुटकारा पाना है तो सबसे पहले खुद को बदलना होगा, तभी करप्शन खत्म होगा। हम बहुत कुछ बदलाव करना चाएहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें ही पहल करना होगा।
डॉ। आश्ाीष सक्सेना
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कड़क मुद्दा
-आज देश के लिए सबसे महत्पूर्ण मुद्दा सिक्योरिटी है। देश की सिक्योरिटी को लेकर सरकार और पब्लिक दोनों ही गंभीर हैं। हमारे देश की सरकार ऐसी हो जो सिक्योरिटी के मुद्दे पर कड़ा एक्शन ले सके और आतंकवाद से छुटकारा दिलाने वाली हो। साथ ही जो भी नेता चुना जाए, वह साफ छवि वाला हो अपराधी नहीं।
-हमारे सिस्टम को ठीक करने के लिए सबसे पहले उन कमियों को दूर करना चाहिए जहां पर खामी है। देश की पब्लिक बदलाव चाहती है।
सिद्धार्थ सक्सेना
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-राजनीति में परिवारवाद को हटाकर योग्य लोगों को ही टिकट दिया जाए तो बेहतर होगा। देश परिवारवाद से नहीं योग्यता से चलाया जा सकता है।
जैनी वर्मा
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-युवाओं को रोजगार परक शिक्षा मिला। रोजगार के साधन बढ़ाने पर काम हो क्योंकि यूथ आज सिर्फ इसीलिए परेशान है कि उसके पास जॉब नहीं है।
काजल पटेल
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-देश के साथ महिलाओं की सिक्योरिटी बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि महिलाओं को बढ़ावा तो मिला है, लेकिन सिक्योर आज भी खुद को नहीं समझती है।
नेहा भारद्वाज
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-एजुकेशन के क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। सुधार भी ऐसा हो जिसका इम्प्लीमेंट हो सके। कई बार ऊपर से सुधार होता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और होती है।
सानिया नदीम
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-हमारा नेता जो भी हो वह पढ़ा लिखा हो ताकि यूथ के लिए सोचे और रोजगार के साधन बढ़ाए। यूथ की सबसे पहली डिमांड रोजगार ही है।
सतेन्द्र पटेल
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-सरकार कोई भी आए, लेकिन सिक्योरिटी के साथ शिक्षा के सिस्टम में सुधार करने वाली हो। शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं होने से बेरोजगारी बढ़ी है।
तनुजा रावत
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-सरकार कोई ऐसी नीति बनाए कि जो भी एजुकेशन हो, वह क्वालिटी परक हो। क्वालिटी परक एजुकेशन नहीं होने से बेरोजगार बढ़ रहे हैं।
शिवानी


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