रोजगार और पलायन के लिए बनेगा मंत्रालय

2017-04-04T07:40:20Z

-रोजगार बढ़ाने और स्किल डेवलपमेंट पर होगा काम

-पलायन को लेकर समिति बना चुकी है सरकार

DEHRADUN: प्रदेश में बढ़ते पलायन को लेकर सीएम टीएसआर ने साफ किया है कि वो इस दिशा में गंभीर कदम उठाने जा रहे हैं। टीएसआर ने कहा है कि पलायन को लेकर उनकी सरकार एक नए मंत्रालय के गठन पर काम कर रही है। ये मंत्रालय रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट पर काम करेगा। इससे पहले त्रिवेंद्र रावत सरकार ने पलायन के मुद्दे पर एक समिति का गठन किया। इस समिति के चेयरमैन कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज हैं। समिति में राज्यमंत्री धन सिंह रावत और रेखा आर्य भी सदस्य हैं।

सामाजिक सुरक्षा बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री टीएसआर के मुताबिक पहाड़ से लगातार हो रहा पलायन एक बड़ा चिंता का विषय है। सूबे के बॉर्डर एरिया में बसे गांव लगातार खाली हो रहे हैं और ये सामरिक दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकता है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारी सरकार इस पर गंभीरता से काम करेगी और इस पर कार्ययोजना बनाने में लगी है ताकि बॉर्डर एरिया पर कारगिल जैसी स्थिति न बन जाए। मुद्दा सिर्फ युवाओं को रोजगार दिलाने का नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का भी है। पलायन के मुद्दे पर सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बनी समिति ने काम करना शुरू कर दिया है।

विकास है पहली प्राथमिकता

टीएसआर ने कहा कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य का विकास है। विकास तभी संभव है जब भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और इसके लिए उनकी सरकार कटिबद्ध है। हमने वादा किया है कि भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए हम सशक्त लोकायुक्त देंगे। भ्रष्टाचार से लड़ने की कसम के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं और भ्रष्टाचार के खात्मे के साथ ही राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। जनता की हमसे कई सारी उम्मीदें हैं जिन पर हम खरा उतरेंगे।

सिस्टम सुधारना है जरूरी: सीएम

सीएम ने कहा कि ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम सुधारा जाना बेहद जरूरी है। इस पर हम लगातार काम कर रहे हैं। नौैकरशाही सही दिशा में काम करेगी तब ही राज्य आगे बढ़ेगा। रावत ने कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि एक मामले की फाइल सचिवालय में सात-सात अधिकारियों की टेबल से होकर गुजरती है। अगर एक अधिकारी एक फाइल को तीन दिन में निपटाएगा तो इस पर ख्क् दिन का समय लग जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम कैसे होंगे? हम चाहते हैं कि एक फाइल सिर्फ तीन स्टेज पर क्लीयर हो जाए और इस पर हम काम कर रहे हैं।

भाजपा सरकार के रोजगार व पलायन के लिए पहले कमेटी फिर मंत्रालय के गठन का निर्णय हास्यास्पद लगता है। आज तक सरकार को यह पता नहीं की कितने बेरोजगार हैं और क्यों पलायन हो रहा है। यह निर्णय सरासर लोगों को गुमराह करने जैसा है। हकीकत आगे सामने आ जाएगा।

किशोर उपाध्याय, पीसीसी चीफ।

रोजगार व पलायन यक्ष प्रश्न है। जनता, सरकार व पार्टियां चिंतित हैं। अब तक सरकारों ने जवाबदेही निश्चित नहीं की। अब भाजपा सरकार ने कमेटी का गठन किया है, विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद त्रिवेंद्र रावत सरकार इनके लिए कुछ भी करने को तैयार है।

वीरेंद्र बिष्ट, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता।


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