आफत न बन जाए मोबाइल की लत

2019-07-17T06:00:48Z

-व्यस्कों के साथ बच्चों में बढ़ते मोबाइल के लत को स्वास्थ्य विभाग करेगा दूर

-मंडलीय हॉस्पिटल के मन-कक्ष में मोबाइल के नशे से किया जाएगा मुक्त

मोबाइल का नशा भी बेहद नुकसानदेय है। आज के समय लगभग हर परिवार में किसी न किसी को इसकी लत लगी हुई है। अगर आप भी अपने परिवार से किसी सदस्य की मोबाइल की लत से परेशान हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपकी समस्या को हेल्थ डिपार्टमेंट दूर करेगा। मोबाइल नशा मुक्ति व आत्महत्या रोक-थाम के लिए हॉस्पिटल में मंडलीय हॉस्पिटल में स्थापित मन कक्ष में ऐसे लोगों को इस लत से छुटकारा दिलाने के लिए परामर्श दिया जाएगा। जिससे वे इस तरह के गंभीर समस्या से उबर सकें। इस बाबत महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश ने आदेश जारी किया है।

परामर्श और दवा भी

मोबाइल नशा मुक्ति आदि नए मनोविकारों की रोकथाम के लिए परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिये बनारस समेत सभी जिलों में डीएम, जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व सीएमओ का को निर्देशित किया गया है। आदेश के बाद डिपार्टमेंट ने इसे जल्द ही अमल में लाने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक एसएसपीजी हॉस्पिटल में स्थापित मन-कक्ष कमरे में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तहत मोबाइल नशा मुक्ति एवं आत्महत्या रोक-थाम के लिए नि:शुल्क परामर्श दिया जाएगा।

नई बीमारी को दिया जन्म

स्वास्थ्य निदेशक मधु सक्सेना द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल यंगस्टर्स, और टीन एजर्स में नई बीमारी दे रहा है। मोबाइल के अधिक प्रयोग से आंखें भी शुष्क हो रही हैं। आलम ये हैं कि यदि बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल रोका जाए तो वे आक्रामक हो जा रहे है। ऐसे कई मामले सामने आए है जिसमें एग्जाम्स में कम अंक लाने, फेल होने, मोबाइल गेम्स खेलने एवं अन्य कारणों से आत्महत्या की प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है। इनमें अधिकार प्रकरणों को काउंसलिंग एवं जरूरत के मुताबिक दवाओं द्वारा प्रथम चरण में ही इलाज किया जा सकता है। इससे कई बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सकता है।

ये आती है समस्या

चिकित्सकों की मानें तो मोबाइल के ज्यादा प्रयोग से सिरदर्द, थकान, बेचैनी होती है।

शारीरिक कमजोरी और नींद में अनियमितता का कारण भी मोबाइल बन रहा है

मन-कक्ष में सेवाएं

-मानसिक स्वास्थ्य

-गैर संचारी रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप

-तंबाकू नियंत्रण

-किशोरा-किशोरी स्वास्थ्य -एचआईवी/एड्स

-परिवार नियोजन एवं कल्याण

स्वास्थ्य निदेशक के पत्र को संज्ञान में लेते हुये बहुत जल्द ही लोगों को मोबाइल नशा मुक्ति के लिए जिला चिकित्सालय में परामर्श दिया जाएगा।

डॉ। वीबी सिंह, सीएमओ


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