Modi Xi Summit: बैठक से पहले जानें महाबलीपुरम का चीन कनेक्शन

Updated Date: Fri, 11 Oct 2019 11:45 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दूसरी अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए तैयार हैं। यह शहर चेन्नई से 56 किलोमीटर दूर है।


महाबलीपुरम (एएनआई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दूसरी अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए तैयार हैं। यह शहर चेन्नई से 56 किलोमीटर दूर है। इस शिखर सम्मेलन की जगह इस तथ्य से महत्वपूर्ण है कि महाबलीपुरम में पल्लव वंश के दौरान चीन के साथ प्राचीन समुद्री संबंध थे। महाबलिपुरम 7वीं शताब्दी में एक प्रमुख बंदरगाह शहर था और दक्षिण भारत व चीन से माल के आयात और निर्यात के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में काम करता था। मिले पुराने जमाने के सिक्के
भारतीय पुरातात्विक विभाग को महाबलीपुरम में रिसर्च के दौरान बड़ी संख्या में चीन के प्राचीन सिक्के मिले थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है पल्लव वंश और चीन के बीच पुराने संबंध हैं। पहले मामल्लापुरम के रूप में जाना जाने वाले शहर 'महाबलीपुरम' की स्थापना 7वीं शताब्दी में पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने की थी। उनके शासनकाल के दौरान चीनी बौद्ध भिक्षु-यात्री ह्वेन त्सांग पल्लव की राजधानी कांचीपुरम का दौरा किया करते थे। त्सांग को अक्सर भारत और चीन के बीच संबंध मजबूत कराने वाला कहा जाता है। महाबलीपुरम में कई पुरानी चट्टानें और अनोखी चीजें देखने को मिलती हैं, आज के समय में यह एक ऐतिहासिक केंद्र है। यहां पुराने जमाने के रथ और मंडप भी देखने को मिलते हैं। शी जिनपिंग के पीएम मोदी से मिलने से पहले चीन करेगा पाक पीएम की मेजबानी, फिर अगले हफ्ते भारत आएंगे चीनी राष्ट्रपतिपंच रथ का भी दौरा करेंगे पीएम मोदी और चिनफिंग बता दें कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति चिनफिंग महाबलिपुरम में जिन तीन ऐतिहासिक स्थलों पर जाने वाले हैं, उसमें पंच रथ भी शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि कांचीपुरम में संपन्न रेशम उद्योग पहली बार पल्लवों द्वारा स्थापित किया गया था, जिन्होंने प्राचीन चीन से कच्चे रेशम का आयात किया था। अब महाबलीपुरम अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए दोनों नेताओं के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है। समिट के लिए शहर भर में पर्याप्त सुरक्षा और सफाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने चौबीसों घंटे काम किया है। एक मूर्तिकार ने एएनआई को बताया, 'हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग जल्द ही यहां पहुंचने वाले हैं। शहर पूरी तरह से साफ़ हो गया है। यह एक ऐतिहासिक जगह है और अब दोनों नेताओं की यात्रा देखते हुए शहर को साफ सुथरा कर दिया गया है, सड़कों की मरम्मत की गई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।'

Posted By: Mukul Kumar
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