Modi Xi Summit: चेन्नई पहुंचे चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग, एयरपोर्ट पर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने किया स्वागत

Updated Date: Fri, 11 Oct 2019 02:25 PM (IST)

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दूसरे अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए चेन्नई पहुंच गए हैं। वह शाम को पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।

कानपुर। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दूसरे अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए चेन्नई पहुंच गए हैं। वह शाम को पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। चिनफिंग चेन्नई से महाबलीपुरम के लिए रवाना होंगे, जहां पीएम मोदी और उनके बीच शिखर सम्मलेन का आयोजन किया गया है। उनके साथ चीन के कई महत्वपूर्ण नेता और अधिकारी भी आए हैं।  चेन्नई एयरपोर्ट पर चिनफिंग का स्वागत तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने किया है। बता दें कि पिछले साल 27 से 28 अप्रैल को वुहान में पीएम मोदी और चिनफिंग के बीच इस तरह की पहली बैठक हुई थी। वह मुलाकात काफी हद तक सफल रही थी।

Tamil Nadu: Chinese President Xi Jinping arrives in Chennai, received by Governor Banwarilal Purohit. The second informal summit between Prime Minister Narendra Modi and President Xi will begin in Mahabalipuram today. pic.twitter.com/rkhJ8ISy6E

— ANI (@ANI) October 11, 2019

सड़क मार्ग से जाएंगे महाबलीपुरम
बता दें कि चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद चिनफिंग सीधे आईटीसी ग्रैंड चोला होटल में ही आने वाले हैं। यहां थोड़ी देर रुकने के बाद वह महाबलीपुरम के लिए रवाना होंगे। चेन्नई से महाबलीपुरम की दूरी लगभग 58 किलोमीटर है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के आगमन को देखते हुए चेन्नई और महाबलीपुरम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राज्य पुलिस ने हजारों सुरक्षा बलों को तैनात किया है और कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। तमिलनाडु सरकार ने राज्य के विभिन्न पारंपरिक संस्कृतियों का प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न हिस्सों से मंडलों का आयोजन किया है। मंडली पिछले दो दिनों से यहां कड़ी प्रैक्टिस कर रही है। चीनी राष्ट्रपति मोदी से मिलने के लिए अपनी होंगकी लक्जरी कार में सड़क मार्ग से महाबलीपुरम तक जाएंगे। मोदी-शी शिखर सम्मेलन फलदायी हो, इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने विभिन्न प्रकार के फलों के साथ पांच रथों के पास एक वेलकम बोर्ड लगाया है। अधिकारियों के अनुसार वेलकम बोर्ड में लगभग 20 विभिन्न प्रकार के फलों का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें से अधिकांश फल व्यवस्थित रूप से उगाए जाते हैं। स्मारकों को सजाने के लिए भी बड़ी मात्रा में फूलों का उपयोग किया गया है।

Posted By: Mukul Kumar
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