अंपायर ने सिडनी टेस्ट बीच में छोड़ने का दिया था ऑफर, मगर रहाणे ने मना कर दिया

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ दर्शकों ने काफी दुर्व्यहार किया था। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पर नस्लीय कमेंट किए गए। हालांकि उसे घटना के बाद अंपायर ने टीम इंडिया को बीच में ही टेस्ट मैच छोड़ने को कहा था मगर कप्तान रहाणे ने मना कर दिया था।

Updated Date: Fri, 22 Jan 2021 10:49 AM (IST)

हैदराबाद (एएनआई)। भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने गुरुवार को कहा कि ऑस्ट्रेलियाई फैंस द्वारा उन पर की गई नस्लीय टिप्पणियों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बना दिया। सिडनी में तीसरे टेस्ट के दौरान, जसप्रीत बुमराह के साथ सिराज को कंगारु फैंस की तरफ से रेसिज्म कमेंट का सामना करना पड़ा था। हालांकि उस घटना के बाद टीम इंडिया को बीच में ही टेस्ट मैच छोड़ने को कहा गया। इस बात का खुलासा खुद सिराज ने भारत वापस आने के बाद किया। पेसर ने बताया कि SCG में अंपायरों ने भारत के कप्तान अजिंक्य रहाणे को बताया कि हम मैच बीच में छोड़कर जा सकते हैं लेकिन टीम ने ऐसा नहीं किया।

रहाणे ने मैच न छोड़ने का लिया फैसला
सिराज ने हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई फैंस ने मुझे गाली देना शुरू कर दिया, इसने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बना दिया। मेरे प्रदर्शन में बाधा नहीं आने देना मेरी प्रमुख चिंता थी। मेरा काम यह बताना था कि मेरे साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, मैंने पूरा मामला कप्तान रहाणे को बताया। अंपायरों ने हमें बताया कि आप मैदान से बाहर जा सकते हैं और खेल छोड़ सकते हैं लेकिन अज्जू भाई ने अंपायर से कहा कि हम नहीं छोड़ेंगे, हम खेल का सम्मान करेंगे।'

घर आते ही रोने लगी मां
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला शुरू होने से पहले, सिराज ने अपने पिता को खो दिया था, लेकिन तेज गेंदबाज ने सिराज को टेस्ट क्रिकेट देखने के अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में वापस रहने का फैसला किया। सिराज ने कहा, 'यह मेरे लिए एक कठिन चरण था, मैंने अपने पिता को खो दिया और यह मुझ पर मानसिक रूप से थोड़ा भार लगा रहा था। मैंने अपने परिवार से बात की, उन्होंने मुझे अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए कहा, मेरी मंगेतर ने भी मेरा और पूरे भारतीय क्रिकेट का समर्थन किया। टीम मेरे पीछे थी। यह आज मेरे लिए एक भावुक क्षण था, मैं कब्रिस्तान गया। मैं अपने घर में घुसा, मेरी माँ ने मुझे देखते ही रोना शुरू कर दिया। मैंने बहुत समय बाद घर का बना खाना खाया।'

पिता को समर्पित किया हर एक विकेट
सिराज ने आगे बताया, 'मैंने अपने हर विकेट को अपने पिताजी को समर्पित किया। मैंने मयंक अग्रवाल के साथ मनाया, गाबा टेस्ट की दूसरी पारी में विकेट लेने के बाद, मैंने अपना हर विकेट पिताजी को समर्पित किया। श्रृंखला शुरू होने से पहले, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं पाँच विकेट ले पाऊंगा। सभी ने मुझ पर भरोसा किया, उन्होंने मुझे समर्थन दिया, उन्होंने मुझे बताया कि मैं अग्रणी गेंदबाज हूं, और मैंने शानदार काम किया।' भारतीय पेसर ने ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर तीन टेस्ट मैच खेले और 13 विकेट लिए।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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