पूर्वी भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से उत्तर तथा उत्तर पूर्वी राज्यों में पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होगी। वहीं दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।


कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में मानसून हिमालय की तराई से होकर गुजर रहा है। झारखंड के उत्तर तथा आंध्र प्रदेश के दक्षिण तटीय इलाके में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। यह दक्षिण पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।उत्तर पूर्व के राज्यों में होगी मूसलाधारभारतीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि चक्रवातीय संचरण की वजह से नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले दो से पांच दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इन राज्यों के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ गरज-चमक की भी आशंका है।उत्तर भारत के राज्यों में भारी बारिश होगी


भारतीय मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमानों में बताया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश होगी। इन राज्यों के कुछ इलाके आंधी-तूफान की चपेट में भी रह सकते हैं। इसके अलावा कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के इलाके में भारी बारिश की चपेट में रहेंगे।दक्षिण तटीय राज्य आंधी-पानी की चपेट में

मौसम विभाग ने अपनी वेदर रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि दक्षिण भारत के तटीय राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक और तमिलनाडु में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बौछार पड़ेंगी। लक्षद्वीप, कर्नाटक और केरल के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों के दौरान भारी बारिश के आसार हैं।

Posted By: Satyendra Kumar Singh