तो चांद से लौटकर पेंटर बन गए एलेन

2011-07-20T13:46:27Z

जावेद अख्तर ने अपनी एक पोएट्री में लिखा है कि 'दिलों में अपनी बेताबियां लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम नजर में ख्वाबों की बिजलियां लेकर चल रहे तो जिन्दा हो तुम' उनकी लिखी इन लाइनों को असली मिसाल है आसमान को चीरकर चांद पर पहुंचने वाले वे इंसान जिन्होने उन बेताबियों को जिया है जो हर एक की आखों में देखी जाती हैं उन्होने चंदा मामा कहे जाने वाले चांद के घर जाकर उनसे पूंछ ‘लिया कैसे हो मामू’

आज से 42 साल पहले 20 जुलाई के दिन नील आर्म स्ट्रांग ने चन्द्रमा पर पहला कदम रखा और शुरूआत की एक ऐसे मिशन की जो फिर कभी नही थमा. आइये जानते हैं कि आखिर बाद में इन एस्ट्रोनाट्स ने कैसे बिताई अपनी जिन्दगी-



1. James Lovell- मुसीबतों के पिटारे के रूप में फेमस अपोलो 13 के मिशन पर जाकर सुरक्षित वापस लौटने वाले लोवेल अपोलो 13 पर बनी हालीवुड मूवी के जरिये फेमस हो गए. उन्होने स्पेस की चार बार यात्रा की.



NOW: अब लावेल एक राइटर, पब्लिक स्पीकर हैं और फिल्म कंसलटैन्ट भी. उन्होने अपने लड़के के साथ मिलकर लेक फारेस्ट में एक रेस्टोरेन्ट भी डाला है.

2. Alan Bean- कमांडर चार्ली कोनार्ड के साथ बीन ने चांद पर चहलकदमी की थी. बाद में वे अपने  खुद के स्काईलैब मिशन के भी कमांडर रहे. 



NOW: बाद की जिन्दगी में बीन ने अपनी लाइफ को पेंटिग में डेडीकेट कर दिया. उन्होने चांद और उसपर जाने वाले एस्ट्रोनाट्स को कैनवास पर उतारा.  

3. Buzz Aldrin - एल्ड्रिन नील आर्म स्ट्रांग के बाद चांद पर कदम रखने वाले दूसरे इंसान थे.



NOW- आज एल्ड्रिन एक राइटर हैं और लेक्चर्स के लिये देश विदेश में जाते रहते हैं. वे शेयरस्पेस नाम के एक प्राइवेट ग्रुप के हेड भी हैं. यह ग्रुप प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट्स के लिये काम करता है.

4. Fred Haise- फ्रेड अपोलो के उस मिशन पर चांद गये जिसके बारे में कहा जाता है कि वह सबसे कठिन मिशन रहा था. मिशन के दो दिन बाद ही आक्सीजन टैंक में विस्फोट हो गया था और बाद में कई सारी दूसरी टेक्निकल एरर्स आ चुकी थीं. इतनी अटकलों के बाद भी मिशन पर गए सभी मेंबर्स सुरक्षित वापस लौट आए थे.



NOW: मिशन के बाद फ्रेड ने अपोलो 13 के लिये ल्यूनर लैंडर बनाने वाली कंपनी ग्रूमान ज्वाइन कर ली.

5. Walter Cunningham- वाल्टर कनिंघम  ने अपोलो-7 में 11 अक्टूबर, 1968 को 11 दिनों तक यात्रा की.  यह पहला अमरीकी अंतरिक्ष अभियान था जिसमें 3 यात्रियों ने भाग लिया था. वाल्टर इसमें पाइलट थे.



NOW: 1971 में नासा छोड़ने के बाद कनिंघम नें हावर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कंप्लीट किया और एक बिजनेस मैन के तौर पर काम शुरू किया. 1977 में उन्होने अपने एस्ट्रोनाट डेस पर एक बुक द आल अमेरिकन ब्वायज पब्लिश की. अब वे एक रेडियो पर्सनैलिटी और पब्लिक स्पीकर के तौर पर जाने जाते हैं.

6. Charlie Duke- चार्ली चांद पर पहुंचने वाले 10वें इंसान थे. उन्होने चांद पर 3 दिन बिताये. 1772 में जब वे चांद पर पहुंचे तो वे 12 लोगों की टीम में सबसे यंग थे.


 
NOW: ड्यूक ने अपना एक इनवेस्टमेंट ग्रुप शुरू किया और साथ ही बियर की डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी ले ली. अब वे एक सेकुलर, माटीवेशनल और स्प्रिचुअल स्पीकर हैं

Report by: Alok Dixit



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