नाम से ही जाहिर है कि फिल्म में क्या है तो अगर आपका मन अच्छे कलाकारों की सुपरनेचुरल अनबिलीवेबिल फिल्म देखने में रुची है तो आप 'आत्मा' देख सकते हैं.


आत्मा की कहानी चंद लाइन की है एक हादसे में अपने हसबेंड (नवाजुद्दीन) को खो चुकी माया वर्मा (विपाशा बसू) अपनी बेटी निया (डॉयल धवन) के साथ अपनी जिंदगी को ट्रैक पर लाने की कोशिश कर रही है. यह सब कुछ उसके लिए आसान नहीं है पर उसकी लड़ाई जारी है अचानक कुछ अजीब से हादसे होते हैं और उसे पता लगता है कि उसकी बेटी अपने फादर से बात करती है. 


जाहिर सी बात है यह एक दहलाने वाला अहसास है कोई किसी मर चुके शख्स से बात कैसे कर सकता है. इसी बात को समझने और समझाने का नाम है आत्मा. छोटी सी बच्ची का काम उसकी उम्र से बड़ा लगता है और उसकी सहजता बताती है कि वो या तो ब्रिलियंट है या बेहद मासूम पर दोनों ही रूप में शानदार है. बिपाशा हॉरर फिल्मों के जॉनर में एक्सपर्ट हो चुकी हैं और उनके लिए सूटेबल एक्सप्रेशन देना अब हैबिट में आ चुका है इसीलिए कहीं कहीं वे बेहद मैकेनिकल लगी हैं जैसे अहसास दिल से नहीं दिमाग से उभर रहे हों. 

नवाजुद्दीन अपने काम में माहिर है और एक्टिग उनके लिए कोई काम नहीं लाइफ स्टाइल लगता है इसलिए अपने हर करेक्टर के सांचे में पानी की तरह ढल जाना उनको अच्छी तरह आता है यह फिल्म भी उनकी एक्टिंग के लिहाज से कोई एक्सेप्शन नहीं है. बिपाशा के साथ थोड़े असहज दिखने के बावजूद पर्दे पर उनकी कमेस्ट्री  नेचुरल लगती है क्योंकि ये एक मर चुके शख्स की अपनी वाइफ के साथ रिलेशन की कहानी है.  बाकी तमाम सुपरनेचुरल फिल्मों की तरह इस फिल्म में वो सब है जो आप माने भले ही ना पर फिल्म में बर्दाश्त करते हैं. फिल्म देखने की सिर्फ एक वजह है तीनों कलाकारों की नेचुरल एक्टिंग. अगर आप सुपरनेचुरल स्टोरीज को पसंद करते हैं तो एक बार फिल्म देख सकते हैं. म्यूंजिक एवरेज है हां बैकग्राउंड स्कोर इंप्रेसिव है और फिल्म को सर्पोट करता है. गाने भी बस ठीक ही हैं.

Director: Suparn Verma Cast:      Bipasha Basu, Nawazuddin Siddiqui, Shernaz Patel, Doyel Dhawan

Posted By: Kushal Mishra