डेढ़ इश्‍किया जो फिल्‍म इश्‍किया का सीक्‍वल है बस शायद अपने नाम और खालूजान ओर बब्‍बन के कारण ही उससे जुड़ती है वरना ये अलग इमोशंस की जर्नी है.


Producer: Raman Maroo, Vishal BharadwajDirector: Abhishek ChaubeyCast: Arshad Warsi, Naseeruddin Shah, Madhuri Dixit, Huma Qureshi, Vijay RaazRating: 3/5 starमहमूदाबाद की बेगम पारा (माधुरी दीक्षित) जो एक बाजौक लेडी है, अपने मेंशन में म्यूजिक और पोइट्री का एक फेस्टिवल ऑग्रेनाइज करती है. कंट्री के बेस्ट शायर वहां आते हैं इन्हीं के बीच खालूजान (नसीरुद्दीन शाह) भी चांदपुर के नवाब के डिसगाइज में वहां पहुंच जाते हैं और मुशायरे में शामिल हो जाते हैं हालाकि उनका शेरो शायरी से कोई लेना देना नहीं है. अपने टैलेंट से वो विडो बेगम पारा को इंप्रेस कर लेते हैं औश्र उनके शौहर बनने की तैयारी शुरू कर देते हैं. इस बीच बब्बन (अरशद वारसी) उन्हें वापस अपनी पुरानी क्राइम की दुनिया में ले जाने के लिए महमूदाबाद पहुंच जाता है, लेकिन उसे मिल जाती है मुनिया (हुमा कुरैशी) जो बेगम की मेड है.
सब कुछ खूबसूरत लगने लगता है पर क्या सच यही है. नहीं मुनिया असल में एक शातिर औरत है जिसका कनेक्शन गैंग्स्टर्स है और जो मेड बनी रह कर खुश नहीं है. उसकी चालों से बेगम का मैंशन साजिशों की महक से भर जाता है और जो मोहब्त का आशियाना लग रहा था जो गोली और बारूद का गढ़ बन जाता हैं, जहां इश्क के सात मुकाम के आखिरी पड़ाव मौत की कगार पर पहुंच जाते हैं प्यार करने वाले.फिल्म की कहानी में डायरेक्टर का स्ट्रांग होल्ड नजर आता है और सभी एक्टर्स की एक्टिंग में मेहनत भी दिखाई दे रही. माधुरी दीक्षित का डांसिंग टैलेंट तो कमाल का है उनका करेक्टर भी उनकी एज को सूट करता है. पर फिल्म कहीं कहीं बोरिंग लगने लगती है खास तौर पर रोमांटिक सींस में कोई भी एक्टर सहज नहीं लगता फिल्म का म्यूजिक इसकी दूसरी कमजोरी है कोई भी सांग लोंगों की जुबान पर नहीं चढ़ पाया है. अटरिया पर .... सांग कुछ बेहतर बन सका है पर उसकर प्रेजेंटेशन उतना इंप्रेसिव नहीं है. कुल मिला कर माधुरी की कम बैक वाली ये फिल्म ही उनका फ्यूचर डिसाइड करेगी इसलिए उन्होंने अपनी ओर से पूरी मेहनत की है.    Hindi news from Entertainment News Desk, inextlive

Posted By: Chandramohan Mishra