Movie Review बॉस 3/5 स्‍टार

2013-10-16T13:36:05Z

बॉक्‍स ऑफिस पर बॉस का सिक्‍का चलेगा कि नहीं यह तो वक्‍त ही बताएगा लेकिन बकरीद के मौके पर रिलीज हो रही अक्षय कुमार की नई फिल्‍म का फॉर्मूला पुराना है ट्रक पर मॉर्निंग वॉक करने वाले 'बॉस' की फिल्‍म पहले हाफ में ट्रैक से भटकती लेकिन सेकेंड हाफ आतेआते वापस उस पर दौड़ने लग जाती है ममूटी स्‍टारर मलयालम फिल्‍म पोक्‍किरी राजा की रीमेक बॉस में 'खिलाड़ी' ऑडिएंस को एंटरटेन करने में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी है पिछली बार बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्‍म ब्‍लू बनाकर बॉक्‍स ऑफिस पर हाथ जला चुके एंथनी 'टोनी' डिसूजा को भी 'बॉस' का ही सहारा है

स्टोरीलाइन
यह कहानी है बड़े दिल वाले लेकिन उसूलों के पक्के गैंगस्टर बॉस (अक्षय कुमार) की जिसकी अपने पिता से नहीं बनती. उसके भाई (शिव पंडित) को अपनी कॉलेज फ्रेंड अंकिता (अदिति राव हयाद्रि) से लव हो जाता है. अंकिता एसीपी आयुष्मान माथुर (रोनित रॉय) की बहन है जिसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा है. 
रीमेक का ओरिजिनल फार्मूला
रीमेक का फार्मूला भले ही ओरिजिनल वाला है लेकिन पोक्किरी जहां थोड़ी सीरियस थी वहीं एक्शन कॉमेडी बॉस में भरपूर मसाला है. पहले हाफ में जेनेरिक हो चली फिल्म सेकेंड हाफ में ही अपना बैलेंस रिगेन कर पाती है.
यहीं डिसूजा का टैलेंट काम आता है जिन्होंने रीमेक को सीन दर सीन रिक्रिएट करने की जगह ओरिजिनल कंटेंट को उठाकर उसे बॉलीवुड के लिए करीने से रिपैकेज करने में कामयाबी पाई है.
बॉस सब पर भारी
फिल्म के ज्यादातर किरदार अक्षय कुमार के सामने बौने नजर आते हैं. डैनी डेनजोंगपा और मिथुन चक्रवर्ती ही उन्हें एक्टिंग में टक्कर देते लगते हैं. एसीपी बने रोनित रॉय भी कहीं-कहीं अपनी छाप छोड़ जाते हैं. परीक्षित साहनी और जॉनी लीवर के कैरेक्टर को डेवलप होने का मौका नहीं मिला है लेकिन साहनी अपनी एक्टिंग से इंप्रेस करते हैं. शिव पंडित और अदिति के लिए फिल्म में करने को कुछ खास नहीं है. 
म्यूजिक में दम नहीं
फिल्म का फ्लो कहीं-कहीं टूटता सा लगता है लेकिन इसकी कमी बेहतरीन एडिटिंग और सिनेमेटोग्राफी ने पूरी कर दी है. हालांकि हनी सिंह के गाए पार्टी ऑल नाइट को छोड़ दिया जाए तो म्यूजिक फिलर से ज्यादा कुछ भी नहीं है.
फार्मूला का मसाला
यह फार्मूला अक्षय कुमार के फैंस और उन्हें भाएगा जो हाल के दिनों में किसी मसालेदार बॉलीवुड मूवी के आने का इंतजार कर रहे थे. डिसूजा ने कहानी को ठीक तरह से पिरोने और तड़का लगाने की भरसक कोशिश की है. यानी एंटरटेनर के तौर पर बॉस फिट है लेकिन जिन्हें कुछ नयापन चाहिए उन्हें थोड़ी निराशा हाथ लग सकती है.


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