आस्था की झलक परम्परा का मेला

2016-08-08T07:40:15Z

नाग पंचमी पर नागवासुकी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

अखाड़ों में जोर आजमाइश, जगह-जगह लगा गुडि़या मेला

ALLAHABAD: श्रावण मास की पंचमी तिथि यानि नागपंचमी पर्व पर शहर में आस्था की झलक के साथ परंपरा का मेला लगा। दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर में दर्शन को भक्तों की भीड़ लगी तो बलुआघाट, गुडि़या तालाब सहित कई स्थानों पर मेला गुलजार रहा। परंपरा के अनुसार अखाड़ों में दंगल का आयोजन हुआ, जिसमें पहलवानों ने जोर आजमाइश की। नाग के भय से मुक्ति प्राप्त करने के लिए लोगों ने अपने घरों के दरवाजे के दोनों ओर गोबर व जल में घी मिलाकर सर्प की आकृति बनाकर उसमें गेंहू, दही, लावा, चना, माला-फूल अर्पित कर पूजन किया।

तक्षक तीर्थ में लगी कतार

प्राचीन तक्षकतीर्थ मंदिर में काल सर्प दोष की शांति के लिए सुबह से पूजन अनुष्ठान का सिलसिला चला। पीठाधीश्वर स्वामी रविशंकर की देखरेख में कालसर्प दोष, सर्प मुक्ति यज्ञ व रुद्राभिषेक किया गया।

सर्प दर्शन कर दी दक्षिणा

नागपंचमी पर तक्षकतीर्थ, नागवासुकी के अलावा मनकामेश्वर, पंचमुखी महादेव, गंगोली शिवालय, दशाश्वेध, सहित हर शिवालय के बाहर सपेरों का जमघट लग गया। भक्तों ने नाग का दर्शन कर सपेरों को दक्षिणा देकर नाग का पूजन किया। सिद्धपीठ भोलेगिरी मंदिर में भोलेनाथ का मोतियों से नवरंगी नगों से श्रृंगार किया गया। पं। रामलाल शास्त्री ने नाग देवता का पूजन अर्चन कर महाआरती की।

अखाड़ों में जोर अजमाइश

शहर के प्रमुख अखाड़ों में परंपरा के अनुरूप पहलवानों ने जमकर जोर आजमाइश की। सुबह हनुमान जी एवं शंकर जी का पूजन करने के बाद दंगल शुरू हुआ जो दोपहर तक चला। लोकनाथ व्यायामशाला समिति के मंत्री रवींद्र पांडेय, रामजी केसरवानी की देखरेख में यहां दर्जनों पहलवानों ने दंगल में भाग लिया। प्रयागराज सेवा समिति की ओर से दारागंज स्थित रघुरामदास व्यायामशाला में दंगल का का नेतृत्व प्रकाश पहलवान ने किया। पुल्ली गुरु, हरिओम चौरसिया, संदीप गौतम, सुभाष, रवि, डब्ल्यू ने सीनियर वर्ग में बाजी मारी। जबकि जूनियर वर्ग में आनंद, नितिन पहलवान, राजूराम, अंकित, अमन विजेता रहे। तीर्थराज पांडेय बच्चा भइया, गुरु प्रकाश पहलवान, धर्मराज पांडेय, ध्रुवराज, भक्तराज ने भाग लिया। कल्याणी देव में स्व। पं। रामजी पाठक अखाड़ा में श्यामजी पाठक की अध्यक्षता में कुश्ती हुई। इसमें लक्ष्मण सिंह, कल्लू पंडित, सरदार कमल सिंह के अलावा विनय, रोहित, मोहित, निहित व लक्ष्य जैसे पहलवानों ने जोर अजमाइश की। कीडगंज स्थित बीचवाली सड़क, नागवासुकी मंदिर, बैरहना, नैनी, खुल्दाबाद आदि मोहल्ले में गुडि़या मेला लगा।


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