इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ रहे नईम के तार

2019-01-08T01:22:44Z

वेस्ट यूपी में खुफिया एजेंसियों को सतर्कता बरतने के निर्देश

एनआईए और एटीएस के सामने मुफ्ती सुहैल व नईम ने खोले राज

Meerut। वेस्ट यूपी में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी यानि स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया ने नाम बदलकर एक बार फिर पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। एनआईए और यूपी एटीएस की टीम के सामने अमरोहा से गिरफ्तार मास्टरमाइंड मुफ्ती सुहैल व नईम ने कई राज खोले है। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि मास्टर माइंड मुफ्ती सुहैल व नईम आतंकी संगठन सिमी के सदस्य बताए जा रहे हैं। हालांकि, सिमी अब नाम बदलकर इंडियन मुजाहिदीन के नाम से कार्य कर रहा है। आतंकी संगठन की सक्रियता देखकर वेस्ट यूपी में एनआईए और एटीएस लगातार छापेमारी कर रही हैं। अलर्ट के मद्देनजर खुफिया विभाग और सेना के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं।

खंगाल रहे रिकार्ड

खुफिया एजेंसियों की मानें तो पिछले 10 सालों में वेस्ट में सिमी की एक्टीविटी के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। वहीं उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां सिमी के कॉट्रेक्ट्स हो सकते हैं।

आतंकियों तक पहुंचाए हथियार

सूत्रों की मानें तो राधना का नईम व साकिब आतंकी संगठनों को हथियारों की खेप पहुंचा चुके है। इसके साथ ही वे अपने गांव में हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी देते थे। हालांकि, शनिवार को एनआईए की दबिश के बाद दूसरे दिन राधना गांव में सन्नाटा छाया रहा। अधिकतर घरों में ताला लटका मिला।

पहले सिमी, अब आईएम

सिमी यानि स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया भारत में प्रतिबंधित है। दरअसल, 25 अप्रैल 1977 को यूपी के अलीगढ़ में इस संगठन का गठन किया गया था। इस संगठन की कई आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई थी। हालांकि, प्रतिबंध के बाद सिमी अब इंडियन मुजाहिदीन के नाम से सक्रिय है। जिस पर खुफिया एजेंसियों की लगातार नजर है।

पहले भी पकड़े गए आतंकी

वेस्ट यूपी पहले भी आतंकियों की शरणस्थली रहा है। कई साल पहले आतंकी अब्दुल करीम टुंडा तीन पाक आतंकवादियों के साथ बुलंदशहर आया था।

दिल्ली बम ब्लास्ट में शामिल रहे आतंकवादियों में बुलंदशहर का शकील भी था। 2008 तक उसका नाम वोटर लिस्ट में भी था।

मिला था फर्जी एक्सचेंज

गौरतलब है कि 16 जनवरी 2015 को गंगानगर में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज भी मिला था। इसका खुलासा बीएसएनएल के दिल्ली के अधिकारियों ने किया था। इस एक्सचेंज से पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और अरब कंट्रीज में फोन कॉल किए जा रहे थे। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वो फरार हो चुके थे।


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