जेल से चल रहा खूनी खेल

2019-02-22T06:00:10Z

नैनी जेल में रची गई थी राजदेव व विद्यासागर की हत्या की साजिश

गिरफ्तार किए गए सात अभियुक्तों के बयान से सामने आया राज

PRAYAGRAJ: झूंसी के पटेल नगर चौराहे पर बारह फरवरी को बहादुरपुर कछार निवासी राजदेव यादव उर्फ बच्चा की हत्या की साजिश नैनी जेल से रची गई थी। साजिश में एक महिला का भी हाथ है। दो अन्य अभियुक्त शूटरों को टारगेट की पहचान कराने के साथ पैसे एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराते थे। टारगेट शूट करने का काम बस्ती जिले के दो शूटर करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों ने कबूल किया कि सिर्फ राजदेव ही नहीं सिविल लाइंस में भी उन्होंने ही विद्यासागर यादव की हत्या को अंजाम दिया था।

एसएसपी ने किया खुलासा

पुलिस लाइंस सभागार में एसएसपी ने गुरुवार को बताया कि राजदेव यादव उर्फ बच्चा पुत्र स्व। गंगाधर यादव नैनी जेल में बंद शेरडीह निवासी संतोष यादव एवं राजकुमार यादव के खिलाफ लाले प्रधान के पक्ष में पैरवी करता था। रजनी देवी पति राजकुमार से जेल में मिलने जाया करती थी। संतोष एवं राजकुमार ने मिलकर रजनी की मदद से जेल में बैठकर राजदेव यादव के कत्ल की योजना बनाई। पटेल नगर चौराहे पर सफेद रंग की बाइक सवार शूटरों ने राजदेव की 12 फरवरी को हत्या की। पास मौजूद रामधीरज गोली लगने से घायल हो गया था। मृतक के भाई राजेश कुमार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य स्रोतों से कातिलों की टोह में थी।

पुलिस के हत्थे चढ़े गैंग के मेंबर

मुखबिर की सूचना पर गुरुवार दोपहर झूंसी एरिया के शरेडीह तिराहे पर पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीम एक्टिव हो गई। तिराहे से टीम ने सुनील यादव पुत्र नन्द लाल यादव निवासी सरायइनायत बीकापुर हनुमानगंज, दिनेश कुमार पुत्र लल्लू राम यादव निवासी घाटमपुर उतरांव, मंगल पासी पुत्र रामचंद्र पासी व मिथिलेश कुमार यादव पुत्र स्व। आशाराम निवासीगण शेरडीह झूंसी, मंजीत यादव पुत्र मानबहादुर निवासी बीकापुर हनुमानगंज सरायइनायत, सुजीत कुमार यादव पुत्र हरदेव यादव व राकेश कुमार पुत्र गुलाब सिंह यादव निवासीगण शेरडीह झूंसी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने सिलसिलेवार घटना का खुलासा किया।

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जमीन की रंजिश में ली जान

सिविल लाइंस में झूंसी के शेरडीह निवासी विद्या सागर यादव की हत्या भी इसी गैंग ने की थी। अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि विद्यासागर जमीन की खरीद-फरोख्त में दखलंदाजी करता था। संतोष एवं राजकुमार के इशारे पर रजनी देवी शूटरों को पिस्टल, कारतूस एवं रुपए देने का काम करती थी। एसएसपी ने बताया घटना में शामिल व सहयोगी अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है।

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सब के बांटे गए थे काम

- पुलिस की मानें तो जेल में बंद संतोष एवं राजकुमार शूटर गैंग का संचालन करते थे

- उनके कहने पर ही बस्ती निवासी फरार शार्पशूटर धोनी तिवारी एवं मंगल पांडेय आते थे

- राजदेव को गोली धोनी ने ही मारी थी, मंगल पांडेय उसकी बाइक चला रहा था

- शेरडीह का सुजीत कुमार एवं राकेश टारगेट की रेकी व पहचान कराने का काम करते थे

- सुनील यादव, दिनेश कुमार, मंगल पासी, मिथलेश कुमार यादव व मंजीत यादव शूटरों के रुकने से लेकर अन्य सुविधा मुहैया कराते थे


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