पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आज डिब्रूगढ़ के समीप बोगीबील में बने रेल-सड़क पुल का उद्घाटन किया है। यह एशिया का दूसरा सबसे लंबा रेल-सड़क पुल है। जानें इस पुल की खास बातें...

डिब्रूगढ़ (एजेंसिया)। डिब्रूगढ़ के समीप बने बोगीबील में बने रेल-सड़क पुल को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता के लिए खोल दिया गया है।
पूर्व पीएम अटल के समय शुरू हुआ था निर्माण
इस पुल का निर्माण तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय शुरू हुआ था। 16 साल बाद उनकी जयंती पर इसका उद्घाटन हो रहा है।
भारत का पहला सबसे लंबा रेल सड़क पुल  
बोगीबील रेल सड़क पुल  4.94 किलोमीटर लंबा है। यह भारत का पहला सबसे लंबा और एशिया का दूसरा सबसे लंबा रेल-सड़क पुल है।  

#WATCH Prime Minister Narendra Modi at Bogibeel Bridge, a combined rail and road bridge over Brahmaputra river in Dibrugarh. #Assam pic.twitter.com/LiTR9jO5ks

— ANI (@ANI) December 25, 2018


असम में ऊपरी ब्रह्मपुत्र नदी पर हुआ निर्मित
बोगीबील रेल-सड़क पुल असम में ऊपरी ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है। इस पुल से आम नागरिकों और भारतीय सेना के जवानों को मदद मिलेगी।
 
असम से अरुणाचल प्रदेश की दूरी कम होगी
इससे असम से अरुणाचल प्रदेश के बीच दूरी कम होगी। असम से अरुणाचल प्रदेश तक की यात्रा के समय को चार घंटे तक कम समय लगेगा।

दिल्ली-डिब्रूगढ़ की ट्रेन भी कम समय लेगी
इस ब्रिज से दिल्ली और डिब्रूगढ़ के बीच ट्रेन से लगने वाला समय करीब तीन घंटा कम होकर 34 घंटा रह जाएगा। जबकि वर्तमान में 37 घंटे है।
ट्रेनें 100 किलोमीटर की गति से दौड़ सकेंगी
बोगीबील रेल-सड़क पुल की खासियत है कि इसमें दो समानांतर रेल लाइनें हैं। इससे इन पर ट्रेनें 100 किलोमीटर की गति से दौड़ सकेंगी।
पुल की सेवा अवधि करीब 120 वर्षों की होगी
इस पुल काे बनाने में करीब 5,900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का खर्च हुआ है। बोगीबील रेल सड़क पुल की अायु 120 वर्षों की होगी।

 

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Posted By: Shweta Mishra