नेशनल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल उमा शंकर सस्पेंड

2019-01-09T06:00:17Z

- प्रिंसिपल पर पैसे लेकर फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप

- श्रीमती उमा देवी स्कूल की जांच भी विभाग ने की शुरू

LUCKNOW : सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में नकल कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए नेशनल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल उमाशंकर सिंह को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया गया। कॉलेज की मोती महल मेमोरियल सोसाइटी की अंतरिम कमेटी ने एफआईआर के आधार पर यह उन्हें सस्पेंड करने की संस्तुति की है। साथ ही कॉलेज के मैथ के प्रवक्ता रामचंद्र को कार्यवाहक प्रिंसिपल बनाए जाने की भी मंजूरी दी। प्रबंधन समिति के ओर से इसका एक प्रस्ताव डीआईओएस को भेजा कर अनुमोदन प्राप्त करने को भेजा गया हैं।

एफआईआर होने पर की कार्रवाई

सहायता प्राप्त नेशनल इंटर कॉलेज में रविवार को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने सरगना सहित नौ लोगों को नकल के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनमें कॉलेज के प्रिंसिपल उमाशंकर सिंह भी शामिल थे। चूंकि इस कॉलेज का संचालन मोती महल मेमोरियल सोसाइटी करती है। इसमें पूर्व न्यायाधीश एसयू खान और सेवानिवृत्त आईएएस वीरेश कुमार बतौर सदस्य शामिल हैं। कमेटी ने प्रिंसिपल उमाशंकर सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर और जेल जाने के मामले में मंगलवार को उन्हें निलंबित करने की संस्तुति कर दी। इस पर अनुमोदन के लिए बुधवार को प्रस्ताव डीआईओएस के पास भेजा जाएगा। उधर रविवार को हुई घटना के बाद मंगलवार को कॉलेज खुला, इस दौरान प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की खबर चर्चा में रही।

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राम इकबाल शुक्ला के स्कूल की जांच शुरू

परीक्षा के दौरान दयानंद इंटर कॉलेज के तीन शिक्षक भी शामिल थे। इनमें एक शिक्षक राम इकबाल शुक्ला जियामऊ स्थित श्रीमती उमा देवी शुक्ला कन्या विद्यालय का संचालन भी करता था। इस स्कूल को सिर्फ हाईस्कूल तक ही मान्यता मिली है, लेकिन यहां 12वीं तक पढ़ाई होती है। डीआईओएस की पड़ताल के साथ-साथ स्कूल की दीवार पर लगे बोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

1999 में मिली थी हाईस्कूल की मान्यता

शिक्षा विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक श्रीमती उमा देवी शुक्ला कन्या विद्यालय को यूपी बोर्ड ने 1999 में हाईस्कूल स्तर की मान्यता दी है। लेकिन यहां नर्सरी से 12वीं तक क्लासेस संचालित की जाती हैं। खुद स्कूल की दीवारों पर लगे बोर्ड से इसका खुलासा हुआ। स्कूल की दीवार पर तीन बोर्ड लगे हैं, जिसमें एक बोर्ड पर नर्सरी से क्लास आठ तक इंग्लिश मीडियम, नर्सरी, 9वीं से 12वीं हिन्दी मीडियम, दूसरे बैनर पर नर्सरी से 12वीं तक क्लासेस के साथ सह शिक्षा की व्यवस्था और तीसरे बोर्ड पर 9वीं, 10वीं हिन्दी अंग्रेजी मीडियम दर्ज है। गौरतलब है कि नकल कराने के आरोप में पकड़ा गया राम इकबाल शुक्ला दयानंद इंटर कॉलेज इंदिरा नगर में हिन्दी का शिक्षक था। वह श्रीमती उमा देवी हाईस्कूल जियामऊ का भी संचालन करता था। दोनों स्कूलों के संचालक एक ही हैं।

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नेशनल कॉलेज में नियुक्त हो सकता है कंट्रोलर

वहीं दूसरी ओर नेशनल इंटर कॉलेज और दयानंद इंटर कॉलेज दोनों को ही डिबार करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया गया हैं। साथ ही शिक्षा विभाग के ओर से यूपी बोर्ड एग्जाम के लिए नेशनल इंटर कॉलेज में विशेष निगरानी की व्यवस्था बना रहा है। इसके लिए नेशनल इंटर कॉलेज में डीआईओएस कार्यालय के ओर से एक पर्यवेक्षक नियुक्ति करने की तैयारी चल रही हैं। जिसकी निगरानी में यूपी बोर्ड एग्जाम आयोजित कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड के ओर से सेंटर्स लिस्ट फाइनल कर दिया गया हैं। ऐसे में इसमें बदलाव होना संभव नहीं है। ऐसे में नेशनल इंटर कॉलेज यूपी बोर्ड का सेंटर्स तो रहेगा। पर वहां परीक्षा विभाग की निगरानी में आयोजित होगा।


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