1991 में जेल जा चुके पूर्व क्रिकेटर सिद्धू हुए बरी, जानें जेल जाने वाला पहला क्रिकेटर कौन था

पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को 30 साल पुराने रोड रेज मामले में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को सिर्फ मामूली मारपीट का दोषी पाया। आपको बता दें कि सिद्धू 1991 में कुछ दिनों के लिए जेल की हवा खा चुके हैं।

Updated Date: Tue, 15 May 2018 05:14 PM (IST)

सिद्धू पर लगा था गैर-इरादतन हत्या का आरोप
कानपुर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सिद्धू पर साल 1988 में सड़क पर गुरनाम सिंह नाम के एक व्यक्ित की गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगा था। उस वक्त यह मामला काफी बड़ा था, सिद्धू को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार भी किया और उन्हें कुछ दिनों के लिए जेल की हवा भी खानी पड़ी। हालांकि उन्हें जमानत तो मिल गई थी मगर केस सालों चलता रहा। पहले यह केस पंजाब एंव हरियाणा कोर्ट में चला जहां सिद्धू को 3 साल की सजा सुनाई गई। मगर आरोपी सिद्धू ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सिद्धू को हत्या का दोषी नहीं माना। कोर्ट का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मामूली मारपीट की थी जिसके चलते सिद्धू पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।जेल जाने वाला पहला क्रिकेटर कौन था


सिद्धू के अलावा दुनिया में ऐसे बहुत क्रिकेटर हैं जो किसी न किसी अपराध के चलते जेल जा चुके हैं। मगर क्या आपको पता है क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर सबसे पहले जेल की हवा खाने वाला खिलाड़ी कौन था। 19वीं शताब्दी की बात है, उस वक्त इंटरनेशनल क्रिकेट क्या होता है यह कोई नहीं जानता था। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों में लोग शौकिया क्रिकेट खेला करते थे। फिर क्लब बने और आपस में क्रिकेट मैच खेला जाने लगा। यह तो आपको पता है क्रिकेट का जन्मदाता इंग्लैंड है, ऐसे में 1876-77 में इंग्लिश क्रिकेट टीम ने पहले न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। इंग्लैंड की तरफ से विकेटकीपर बल्लेबाज टेड पूली भी इस दौरे पर गए थे और यह उनके करियर का सबसे विवादित क्रिकेट दौरा बन गया।1877 में लगाया था मैच में सट्टा

द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में इंग्लैंड की कैंटेबरी नाम की टीम को न्यूजीलैंड की घरेलू टीम के साथ मैच खेलना था। टेड पूली पैर में चोट लगने के कारण यह मैच नहीं खेल सके, मगर उन्होंने इसमें अंपायरिंग जरूर की। बस यहीं से पूली के मन में खुराफाती आइडिया आ गया। इस इंग्लिश खिलाड़ी ने वहां के लोकल व्यक्ति से शर्त लगाई कि कैंटेबरी के 11 खिलाड़ी बिना खाता खोले आउट हो जाएंगे और हुआ भी ऐसा ही। पूली को शर्त जीतने पर 3,000 रुपये मिलने थे, मगर मैच के बाद उस व्यक्ित ने पूली को पैसे देने से मना कर दिया। बस फिर क्या दोनों में खूब लड़ाई-झगड़ा हुआ। पुलिस को जब मैच में सट्टा लगाने की बात पता चली तो पूली को अरेस्ट कर लिया गया। इधर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाना था, पूली को इंग्लिश क्रिकेट टीम में बतौर विकेटकीपर शामिल किया गया। मगर जब टीम मैनेजमेंट को पता चला कि पूली सलाखों के पीछे हैं तो उनकी जगह जॉन सेल्बी को विकेटकीपर के रूप में टीम में जगह मिली और पूली क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच खेलने से चूक गए।कानपुर में जन्में इस इंग्लिश क्रिकेटर ने फुटबॉल की तरह खेलना सिखाया क्रिकेटनेपाल दौरे पर मोदी ने क्यों लिया IPL खेल रहे इस क्रिकेटर का नाम?

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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