न नियम न कायदे धड़ल्ले से चल रहे अवैध हॉस्टल

2018-08-03T11:00:46Z

- नरही इलाके में 70 से ज्यादा हॉस्टल अवैध रुप से चल रहे

- हॉस्टल का न रजिस्ट्रेशन और न ही वैरीफिकेशन

- गलियों में चार से पांच मंजिला इमारत में चल रहा हॉस्टल

LUCKNOW :

राजभवन से चंद कदमों की दूरी पर लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे ने नरही की ओर रुख किया था, लेकिन वह यहां से बाहर निकलता हुआ नहीं दिखाई दिया। इस पर पुलिस ने नरही में सर्च आपरेशन शुरू किया। आपरेशन के दौरान उन्हें इलाके में कई ऐसे हॉस्टल चलते मिले जो बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे थे। साथ ही यहां रहने वाले किसी भी शख्स का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ था। ऐसे में इन अवैध हॉस्टल में कभी कोई अपराधी शरण ले सकता है। यह सब देख पुलिस के होश उड़ गये। केवल नरही ही नहीं शहर के कई इलाकों में अवैध हॉस्टल का खेल धड़ल्ले से फल फूल रहा है। प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई सख्त कार्रवाई न किये जाने की वजह से इनके हौसले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं।

मकानों में चल रहे हॉस्टल

नरही की गलियों में अवैध रूप से हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। हॉस्टल संचालक स्टूडेंट से तीन से पांच हजार रुपये किराए के रूप में वसूले रहे हैं जबकि उन्हें हॉस्टल के रूप में केवल कमरे एलॉट किये जा रहे हैं। वर्तमान समय में नरही में 70 से अधिक अवैध रूप से ग‌र्ल्स और ब्वॉयज हॉस्टल चल रहे हैं।

शहर में पांच सौ से ज्यादा हॉस्टल

शहर के रजिस्टर्ड हॉस्टल को छोड़ दिया जाए तो शहर में करीब पांच सौ से ज्यादा हॉस्टल अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं। नरही की गलियों में मौजूद घरों को हॉस्टल के रूप में संचालित किया जा रहा है। यहां न तो कोई बोर्ड लगाया गया और ना ही पोस्टर चस्पा किया गया है। केवल जगह-जगह पंपलेट चस्पा कर अवैध हॉस्टल को संचालित किया जा रहा है।

जान डाल रहे जोखिम में

शहर में चल रहे ज्यादातर हॉस्टल के संचालकों ने किसी भी विभाग से इसके संचालन के लिए एनओसी नहीं ले रखी है। इतना ही नहीं यहां रहने वाले स्टूडेंट्स की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। अवैध रूप से चल रहे इन हॉस्टल में न तो मानक के अनुसार कमरे हैं और ना ही सुरक्षा उपकरण की कोई व्यवस्था की गई है। आग से बचाव के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है।

अपराधी भी लेते हैं शरण

अवैध रूप से चल रह हॉस्टल में ना कोई इंट्री की व्यवस्था है और ना ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में कभी कोई भी अपराधी हॉस्टल में पनाह ले सकता है। सूत्रों की मानें तो कुछ हॉस्टल में यहां रहने वालों को आईडी भी नहीं ली जाती है।

केवल स्टूडेंट्स नहीं नौकरीपेशा भी रह रह हॉस्टल

कई इलाकों में केवल स्टूडेंट्स नहीं बल्कि प्राइवेट जॉब करने वाले भी हॉस्टल में रह रहे हैं। मकान मालिक उनसे मोटा पैसा वसूल कर उन्हें किराएदार के रूप में रखते हैं। सुरक्षा के नाम पर उनसे केवल पहचान पत्र की फोटो कॉपी ली जाती है जबकि ना तो उनका वेरीफिकेशन कराया जाता है और ना ही कोई कांट्रेक्ट किया जाता है।

इन इलाकों में चल रहे अवैध हॉस्टल

- नरही

- जियामऊ

- कपूरथला

- अलीगंज

- इंदिरा नगर

- तिवारीगंज

- आलमबाग

- विकास नगर

- महानगर

- गोमती नगर

- चिनहट और ि1वभूतिखंड

यह है नियम

- हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन जरूरी

- पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी

- बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

- सिक्योरिटी गार्ड का होना जरूरी

- स्टूडेंट्स के आने जाने का टाइमटेबल होना जरूरी

- ग‌र्ल्स हॉस्टल में महिला स्टाफ जरूरी

- लंबे समय से गायब स्टूडेंट की सूचना परिजनों को देना

- पुलिस हेल्पलाइन और डॉक्टर के नंबर्स का होना जरूरी

- आग बुझाने के उपकरण, हवा और पानी की पूरी व्यवस्था

नरही इलाके में चल रहे अवैध हॉस्टल के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। हॉस्टल में रहने वाले लोगों का पुलिस वेरीफिकेशन भी कराया जाएगा। साथ ही अन्य विभागों को भी पत्र लिखकर ऐसे अवैध हॉस्टल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।

सर्वेश कुमार मिश्र, एसपी पूर्वी


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