नेपाल में 100 रुपये से ऊपर की भारतीय करेंसी पूरी तरह से हुई बैन केंद्रीय बैंक का आदेश

2019-01-21T14:01:08Z

नेपाल के केंद्रीय बैंक ने 2000 रुपये 500 रुपये और 200 रुपये के भारतीय नोटों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम नेपाल में भारतीय पर्यटकों को बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकता है।

काठमांडू (पीटीआई)। नेपाल के केंद्रीय बैंक ने अपने देश में 2,000 रुपये, 500 रुपये और 200 रुपये के भारतीय नोटों के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों को बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकता है क्योंकि वहां भारतीय नोटों का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल राष्ट्र बैंक ने रविवार को नेपाली यात्रियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100 रुपये से अधिक के भारतीय नोटों को रखने या उनके उपयोग पर रोक लगाने का एक सर्कुलर जारी किया।
भारत के अलावा अन्य देश में नहीं ले सकेंगे नए भारतीय नोट
केंद्रीय बैंक ने अपने सर्कुलर लेटर में कहा कि 200, 500 और 2,000 रुपये के भारतीय नोटों का उपयोग आगे से नेपाल में नहीं किया जायेगा। नए नियमों के तहत, नेपाली नागरिक इन नोटों को भारत के अलावा अन्य देशों में नहीं ले जा सकते हैं। इसी तरह, नेपालियों को अन्य देशों से भी ऐसे नोट लाने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, 100 या उससे नीचे के भारतीय नोटों के उपयोग पर फिलहाल नेपाल में प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। 13 दिसंबर को कैबिनेट ने नेपाल गैजेट में नोटिफिकेशन प्रकाशित करने का फैसला किया था ताकि लोगों को नेपाल में 100 रुपये से ऊपर के भारतीय नोटों के इस्तेमाल पर रोक लगाया जा सके। नेपाली सरकार ने उसी समय 2,000 रुपये, 500 रुपये और 200 रुपये के भारतीय नोटों के उपयोग पर अपने देश में प्रतिबंध लगा दिया था। अब बैंक ने भी इसकी घोषणा कर दी है।
दो साल से लोग कर रहे थे भारतीय नोटों का उपयोग
यात्रा व्यापारियों और उद्यमियों द्वारा इस प्रतिबंध की खूब आलोचना की जा रही है, उनका कहना है कि यह कदम देश के पर्यटन को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाएगा। 2016 में भारत सरकार ने नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये, 500 रुपये और 200 रुपये के नोट पेश किए थे। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, लोग नेपाली बाजार में लगभग दो वर्षों से नए भारतीय नोटों का उपयोग कर रहे थे।

नेपाल में अब नहीं चलेंगे 2000, 500 और 200 रुपये के भारतीय नोट, सरकार ने किया बैन

 


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