नया बनारस बनाने का सपना हुआ साकार

2019-02-15T06:00:45Z

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शासन से लैंड पूलिंग पॉलिसी को मिली मंजूरी, नया बनारस बनाने की राह हुई आसान

-नई पॉलिसी से किसानों की किस्मत बदल जाएगी, होंगे मालामाल

-वाराणसी में अवैध कालोनियों और निर्माण पर लगेगा अंकुश

-अब बिना बजट के ही जिले का नियोजित विकास कर पाएगा वीडीए

vinod.sharma@inext.co.in

VARANASI

शासन से लैंड पूलिंग पॉलिसी की मंजूरी मिलने के बाद अब नया बनारस का सपना लगभग साकार होता दिख रहा है। बिना बजट के ही वीडीए अब जिले का नियोजित विकास करा पाएगा। इस पॉलिसी से किसानों की किस्मत बदल जाएगी। उन्हें ज्यादा फायदा होगा। साथ ही जिले में अवैध कालोनियों और निर्माण पर रोक लगेगी। अभी तक क्या था कि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए वीडीए को जमीन के अधिग्रहण पर लाखों रुपये खर्च करने होते थे।

बाबतपुर में बसेगा नया बनारस

प्राधिकरण के वीसी राजेश कुमार कहते हैं कि लैंड पूलिंग पॉलिसी नये बनारस के लिए काफी कारगर साबित होगी। मैंने तीन माह पहले ही बाबतपुर में नये बनारस बनाने का प्रपोजल शासन को भेजा है। इसके अलावा रिंग रोड और सारनाथ में भी इस पॉलिसी के तहत विकास के लिए अच्छा मौका है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली में यह पॉलिसी काफी सफल है। इससे वीडीए को लैंड परपज चेंज करने में समस्या नहीं आएगी।

ऐसे रुकेगा अवैध निर्माण

वीडीए के वीसी का दावा है कि नई पॉलिसी लागू होने से अवैध निर्माण पर भी रोक लग जाएगी। प्राइवेट बिल्डर किसान से जमीन खरीदकर उस पर फ्लैट का निर्माण कर देते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे करके अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो जाता है। अब इस पॉलिसी से यह संभव नहीं हो पाएगा।

किसानों को ज्यादा होगा फायदा

वीडीए वीसी का कहना है कि नई पॉलिसी किसानों की किस्मत बदल देगी। किसानों को वीडीए का पार्टनर बनने का मौका मिलेगा। समझौते के तहत वह अपनी जमीन बिल्डर को देने के बजाय सीधे वीडीए को हैंडओवर करेगा। इसके बाद किसानों की जमीन को वीडीए विकसित करेगा। फिर उस जमीन को किसान खुद अपने हिसाब से बेच सकेंगे।

तब शुरू होगी कार्यवाही

शासन ने लैंड पूलिंग पॉलिसी वाराणसी के अलावा इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, आगरा और गाजियाबाद प्राधिकरण में लागू किया है। हालांकि अभी वीडीए को नियमावली के आने का इंतजार है। आने के बाद कार्यवाही शुरू हो जाएगी। जिले में यह पॉलिसी लागू होने के बाद वीडीए अपने एरिया की जमीन के बारे में अपनी वेबसाइट पर जानकारी देगा। वेबसाइट पर एक लिंग दिया जाएगा, जिससे अगर कोई किसान लैंड पूलिंग के लिए जमीन देने को तैयार है तो अपनी डिटेल भरकर परमिशन दे सके।

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किसानों के साथ ऐसे होगी लैंड पूलिंग

लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीन देने के इच्छुक किसान और वीडीए के बीच समझौता होगा। इसके बाद किसान अपनी जमीन वीडीए को देगा। प्री प्लानिंग के तहत वीडीए इसका विकास करेगा।

एक नजर

40

फीसद जमीन पर वीडीए सड़क, सीवरेज, पार्क व नाली समेत अन्य निर्माण कराएगा

20

फीसद जमीन को प्राधिकरण बेचकर डेवलपमेंट पर जो खर्च होगा, उसकी वसूली करेगा

40

फीसदी शेष जमीन किसानों को लौटा दी जाएगी। किसान इस जमीन को बेचकर कमाई कर सकेंगे।


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