स्कूल ओनर को मान्यता के नए नियम पूरा करना बना चैलेंज

2019-07-01T06:00:42Z

-नए नियमों के विरोध में आए सभी स्कूल, महासम्मेलन में बनाएंगे रणनीति

-समस्या का समाधान न होने पर कोर्ट जाने को कहा

बरेली : मान्यता के नए नियमों को पूरा करने की चुनौती स्कूलों के सामने आ गई है। जिसे पार करना आसान नहीं देख स्कूल अब एकजुट होकर विरोध में उतर आए हैं। पुरानी मान्यता पर चलने वाले स्कूलों को नए नियमों से बाहर रखने की मांग पर अड़ गए हैं। संडे को बेसिक शिक्षा समिति के बैनर तले पत्रकार वार्ता आयोजित करके स्कूल संचालकों ने अपनी मंशा स्पष्ट की।

पढ़ाई में आएगी समस्या

समिति अध्यक्ष जगदीश सक्सेना ने बताया, शहर में करीब 250 स्कूल मान्यता प्राप्त हैं। जो मान्यता की सभी शर्तों को पूरा कर रहे हैं। जबकि नया नियम इन पर लागू होने से यह बंद हो जाएंगे। इनमें पढ़ने वाले हजारों बच्चों के पठन-पाठन की समस्या आएगी। शिक्षकों का भी रोजगार छिन जाएगा।

2 जुलाई को तय होगी रणनीति

महामंत्री पंकज सक्सेना ने बताया कि नए नियमों के चलते काफी स्कूलों को ध्वस्त कराना पड़ेगा। फि से नए मानकों के अनुसार भवन का निर्माण आसान नहीं होगा। मीडिया प्रभारी ने कहा, सरकार को चेताने के लिए मान्यता प्राप्त स्कूलों ने दो जुलाई को रोटरी भवन में महासम्मेलन बुलाया है। जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। कोषाध्यक्ष रिंकेश चौरसिया ने कहा, यदि सरकार समस्या का समाधान नहीं करेगी तो न्यायालय की शरण लेने की भी बात कही।

इन नियमों को करना है पूरा

स्कूल के नाम भूमि की रजिस्ट्री करानीए एनबीसी कोड का प्रमाण पत्रए बीडीए से नक्शा स्वीकृत करानाए 180 वर्ग फिट के प्रत्येक कक्ष का निर्माण करना, प्राइमरी स्कूल के लिए एक लाख व जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए डेढ़ लाख की धरोहर राशि जमा करानी जैसी अन्य शर्तो को पूरा करना होगा। अफसरों की जांच प्रक्त्रिया से गुजरने के बाद शासन मान्यता पर मुहर लगाएगा। इन नए नियमों को 11 जनवरी 2020 तक पूरा करना है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.