नया एसटीपी बनेगा किसानों को साफ पानी मिलेगा रामगंगा से प्रदूषण हटेगा

2019-01-23T06:01:00Z

- 88.9 करोड़ की लागत से फरवरी-मार्च के बीच शुरू होगा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम

- डेढ़ से दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा प्लांट

BAREILLY:

शहर की गलियों में ओवरफ्लो होकर बह रहे सीवर के गंदे और बदबूदार पानी से जल्द ही लोगों को निजात मिलने की उम्मीद है। जल निगम ने नया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए बजट की पहली किस्त भी जल निगम को मिल चुकी है। माना जा रहा है कि इसी महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फरवरी के लास्ट या मार्च के फ‌र्स्ट वीक में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा। इससे एक ओर शहर के लोगों को गंदगी से निजात मिलेगी तो दूसरी और रामगंगा का पानी प्रदूषित होने से रोकने में भी मदद मिलेगी।

88.9 करोड़ से बनेगा एसटीपी

अमृत योजना के तहत सराय तल्फी में नया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए 88.9 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने के बाद जल निगम को पहली किस्त के रूप में 14 करोड़ रुपए भी मिल चुके हैं।

दो साल में बनकर होगा तैयार

जल निगम के अधिकारियों की मानें तो फरवरी या मार्च में प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा और करीब दो साल का समय प्लांट का काम पूरा होने में लगेगा। इसके बाद शहर को काफी हद तक सीवर की समस्याओं से निजात मिल जाएगी।

केवल एक जोन को मिलेगा फायदा

जल निगम के एक्सईएन संजय ने बताया कि इस प्लांट को अभी केवल जोन 2 के लिए ही शुरू किया जा रहा है। जोन 2 में सिविल लाइंस और आसपास के एरिया के सीवर का पानी ही इस ट्रीटमेंट प्लांट को जाएगा। जबकि शहर में कुल 4 जोन हैं। मतलब बाकी जोन 1, 3 और 4 को अभी भी सीवर की गंदगी झेलनी पड़ेगी।

किसानों को भी मिलेगा फायदा

इस प्लांट को शुरू होने के बाद किसानों को भी फायदा मिलने वाला है। अभी सीवर का डायरेक्ट पानी किसान यूज नहीं कर सकते हैं, लेकिन ट्रीटमेंट होने के बाद किसान इस पानी से खेतों में सिंचाई कर सकेंगे। बता दें कि कुछ वर्षो पहले यहां पर लगे सीवर पंपिंग स्टेशन से पानी लेकर किसान खेतों की सिंचाई करते थे, लेकिन कुछ साल पहले पंपिंग स्टेशन की मोटर खराब होने के बाद से यह बंद पड़ा है।

रामगंगा में नहीं गिरेगी सीवर की गंदगी

जल निगम के एक्सीएन संजय कुमार ने बताया कि इस ट्रीटमेंट प्लांट का सबसे बड़ा फायदा रामगंगा को मिलने वाला है। क्योंकि अभी तक पूरे शहर के सीवर का पानी सीधा किला नदी में जाकर गिरता है जो रामगंगा में जाकर मिलती है। इसकी वजह से रामगंगा का पानी दूषित होता है। प्लांट लगने के बाद सीवर के पानी का ट्रीटमेंट होने के बाद ही किला नदी में छोड़ा जाएगा।

वर्जन

जनवरी के आखिरी सप्ताह तक ट्रीटमेंट प्लांट की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके बाद फरवरी के लास्ट या फिर मार्च के फ‌र्स्ट वीक तक इसका काम भी शुरू कर दिया जाएगा।

संजय कुमार, एक्सीएन जल निगम

नया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा

Posted By: Inextlive

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.