बारिश के बाद पॉल्यूशन व धूल का गुबार

2019-07-17T06:01:06Z

-फिर शहर में बढ़ा पॉल्यूशन का लेवल, हवा में घुल रहा जहर

-जगह-जगह हो रही खोदाई व उड़ रही धूल से पॉल्यूशन का लेवल हो रहा हाई

एक बार फिर स्मार्ट सिटी बनारस में एयर पॉल्यूशन का लेवल बढ़ गया है। पिछले दिनों हुई बारिश के थमने के बाद शहर में हर तरफ पॉल्यूशन और धूल का गुबार दिख रहा है। विकास कार्यो को लेकर जगह-जगह हो रही खोदाई से जो मिट्टी निकल रही है उससे उड़ रही धूल के गुबार के चलते पॉल्यूशन का लेवल अपने उच्च स्तर पर पहुंच रहा है। इसके चलते सांस के रोगियों का दम घुट तो रहा ही है साथ ही सामान्य लोगों की सांसे भी तकलीफ दे रहे है। बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए जहरीली हवा बेहद खतरनाक साबित हो रही है। इन सब के बावजूद पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीर नहीं है।

बढ़ रहा पाल्यूशन का लेवल

एक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक सप्ताह में पीएम 10 व पीएम 2.5 में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे पॉल्यूशन का स्तर तेजी से बढ़ा है। धूल भरे चितईपुर, अवलेसपुर से अमरा चौराहे तक के एरिया में पीएम 2.5 का लेवल 100 से ऊपर, जबकि पीएम 10 का लेवल 290 के ऊपर जा पहुंचा है, जो कि तय मानक से दोगुने से भी ज्यादा है। वहीं अर्दली बाजार क्षेत्र में भी पीएम 2.5 का लेवल 50 प्लस, जबकि पीएम 10 का लेवल 180 से ज्यादा बढ़ चुका है। कमोवेश ऐसी स्थिति शहर के अन्य क्षेत्रों में भीे है।

धूल का गुबार खतरनाक

एक्सपर्ट की मानें तो बारिश थमते ही शहर की आबोहवा बिगड़ने लगी है। गर्मी और उमस बढ़ने के साथ धूल के गुबार ने मुसीबत बढ़ा दी है। शहर की हवा में हानिकारक व विषैले पदार्थो का लगातार बढ़ना वायु प्रदूषण का कारण बन रहा है। सिटी में विभिन्न विषाक्त गैस और सड़कों की खोदाई से उड़ रही धूल के कारण उत्पन्न प्रदूषण ताजी हवा को दूषित कर रहा है, जो न सिर्फ इंसान बल्कि पेड़-पौधों और पशुओं को भी प्रभावित कर रहा है।

कैसे हो रहा?

एयर पॉल्यूशन का स्तर उन सभी पॉल्यूशन पर निर्भर करता है जो विभिन्न स्त्रोतों से क्रिएट होते हैं। मौसम की स्थिति प्रदूषण की निरंतरता को बढ़ा रही हैं। उद्योगों में निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न प्रकार के कच्चे माल से हानिकारक गैसों के उत्सर्जन की मात्रा बढ़ती जा रही है। बढ़ता औद्योगिकीकरण भी शहर में पॉल्यूशन फैलाने का काम कर रहा है।

ये है मानक?

पीएम 2.5

60 से ज्यादा बढ़ेगा तो खतरा बढ़ जाएगा

पीएम 10

100 से ज्यादा होने पर खतरा बढ़ेगा

एक सप्ताह का लेवल (अर्दली बाजार में)

डेट पीएम 2.5 पीएम 10

10 जुलाई 22 89

11 जुलाई 41 137

12 जुलाई 45 228

13 जुलाई 50 271

14 जुलाई 51 285

15 जुलाई 53 265

16 जुलाई 43 117

पिछले दिनों बारिश के दौरान पॉल्यूशन का लेवल थोड़ा कम हुआ था, लेकिन इधर 6 दिन से इसका स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। उमस और गर्मी के बीच लोगों को पॉल्यूशन की मार भी झेलनी पड़ रही है।

एकता शेखर, प्रेसिडेंट, द क्लाइमेट एजेंडा


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