जवाहरबाग में हरियाली नष्ट होने पर एनजीटी सख्त

2016-07-04T07:41:46Z

- राज्य सरकार को नोटिस देकर मांगा जवाब

- अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई थी आगजनी

LUCKNOW: मथुरा के जवाहरबाग में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई आगजनी में सैंकड़ों पेड़ों के नष्ट होने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यूपी सरकार को नोटिस देकर जवाब-तलब किया है। एनजीटी ने राज्य सरकार को आगामी 27 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है। एनजीटी ने यह नोटिस इस बाबत दायर हुई याचिका पर दिया है।

दो जून की घटना

मथुरा के जवाहरबाग में विगत दो जून को अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस दौरान अतिक्रमणकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान आगजनी भी हुई। कई छोटे एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट होने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया जिसकी वजह से सैंकड़ों पेड़ जल गये। फायर बिग्रेड ने खासी जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया था। करीब तीन दिन तक जवाहरबाग में आग का प्रकोप छाया रहा। आग पूरी तरह शांत होने के बाद ही वहां मीडिया आदि को जाने की इजाजत दी गयी। इस संघर्ष के दौरान दो पुलिस अफसरों समेत 29 लोगों की मृत्यु हो गयी थी जिसमें अतिक्रमणकारियों का मुखिया रामवृक्ष यादव भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक रामवृक्ष की मौत भी पिटाई और जलने से हुई थी।

अधिवक्ता ने दायर की याचिका

इस मामले को लेकर एनजीओ ट्री प्रोटेक्शन टीम के अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने एनजीटी में याचिका दायर की जिसमें आगजनी से पेड़ों को हुए नुकसान और वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गयी। साथ ही पर्यावरण को हुए नुकसान का आंकड़ा भी प्रस्तुत करने की मांग की गयी है। जस्टिस एमएस नांबियार की अगुवाई में बेंच ने प्रमुख सचिव वन, मुख्य वन संरक्षक और मथुरा के डीएम को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है।


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