रांची: स्टूडेंट्स ने बनाई इको फ्रेंडली कार, मलेशिया में धूम मचाने को तैयार

2019-05-01T15:12:02Z

नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी निफ्ट के स्टूडेंट्स अपने टैलेंट का लगातार देश-दुनिया में परचम लहरा रहे हैं. जानें मलेशिया में अब ये किस तरह धूम मचाने जा रहे.

RANCHI :  इस बार नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फाउंड्री एंड फोर्ज टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई इको फ्रेंडली मलेशिया में धूम मचाने को तैयार है. यहां आयोजित होनेवाले शैल इको मैराथन एशिया में यह कार शामिल की जाएगी. इसमें देश-विदेश की बेहतर परफार्म करने वाली कार को फ्यूचर कार के रूप में सेलेक्ट किया जाएगा. वहीं कार बनाने वाली टीम को अवार्ड से भी नवाजा जाएगा.

वर्कशॉप में तैयार पा‌र्ट्स का यूज
इको फ्रेंडली कार को लाइटवेट बनाने के लिए इसमें ग्लास फाइबर के साथ ही एल्युमिनियम का स्ट्रक्चर दिया गया है. इसके अलावा कार में यूज किए गए पा‌र्ट्स को निफ्टियंस ने इंस्टीट्यूट के वर्कशॉप में ही तैयार किया है. पूरे कार को नट-बोल्ट से फिक्स किया गया, जिससे कि कार को कहीं भी ले जाने में दिक्कत नहीं आएगी.

इको फ्रेंडली कार से नहीं होगा पॉल्यूशन
निफ्टियंस ने कार में लिथियम आयन बैट्री का यूज किया है. 48 वोल्ट की बैट्री से जब यह कार सड़कों पर दौड़ेगी तो इससे किसी भी हाल में पॉल्यूशन नहीं होगा. निफ्टियंस ने इस कार को इस उद्देश्य से बनाया है कि यह कार पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी. बैट्री को चार्ज करने में 90 मिनट का समय लगता है. इसके बाद कार 200 किलोमीटर चल सकती है.

2018 में स्टूडेंट्स ने बनाई थी कार
निफ्ट की टीम थ्रस्टर्स ने पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए नवंबर 2018 में इको फ्रेंडली कार बनाई थी. जिसे 90 मिनट चार्ज करने पर 200 किलोमीटर का सफर कर रही थी. वहीं 0-10 सेकेंड के अंदर ही 45 किलोमीटर का स्पीड पहुंच जाती थी. लेकिन टीम के मेंबर्स ने पहले इसे चेन्नई में इवेंट के दौरान पेश किया. इसके बाद टीम ने इस इको फ्रेंडली कार में काफी बदलाव किया.

Posted By: Prabhat Gopal Jha

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