न जाति न धर्म युवा समझेंगे सिर्फ मुद्दों का मर्म

2019-03-06T06:00:10Z

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से आयोजित मिलेनियल्स स्पीक में युवाओं ने रखे विचार

मंदिर मस्जिद के नाम से न हो राजनीति, बेसिक मुद्दों पर हो चुनाव

इंट्रो

आज का युवा देश की राजनीति में बदलाव चाहता है और बदलाव भी ऐसा, जो धर्म और जाति के मुद्दों से अलग देश के विकास की विचारधारा को स्वीकार करने वाला हो। जो नेता इन्हीं सब मुद्दों और देशहित के विजन को अपने एजेंडे में शामिल करेगा। युवा उसे ही लोकसभा चुनाव में वोट देंगे। दरअसल, शहर के लख्मी विहार कॉलोनी में आयोजित मिलेनियल्स स्पीक कार्यक्रम में युवाओं ने कहा कि जो सरकार नए भारत का निर्माण करेगी। लोकसभा चुनाव में उसका ही चयन करेंगे। उन्होंने कहाकि धार्मिक मुददों में उलझाने वाली नही बल्कि देश की सुरक्षा और युवाओं के विकास वाली सरकार चाहिए।

मेरठ। शहर के लख्मीविहार कॉलोनी में आयोजित मिलेनियल्स स्पीक कार्यक्रम में युवाओं ने देश के कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस मौके पर ज्योति ने कहाकि अब केवल अपराध, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त समाज देने वाली सरकार नहीं बल्कि देश की सुरक्षा और जवानों की शहादत का इंतकाम लेने वाली सरकार को ही मत पाने का अधिकार होगा। वहीं ज्योति की बात को आगे बढ़ाते हुए आशा ने कहा कि देश की सुरक्षा इन दिनों अहम मुद्दा है सेना के शौर्य पर सवाल उठाने वाले नेताओं को सबक सिखाना होगा। वहीं सुरेश कुमार ने बताया कि रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में अहम सुधार की जरूरत है। अब चुनाव को प्रमुखता के साथ उसी नेता को वोट दिया जाएगा जो हमारे मुद्दों को समझेगा।

चुनाव में वोट उस प्रतिनिधि को दिया जाता है जो कम से कम अपने क्षेत्र के विकास को पूरा करा सके और उसकी बात में इतना दम हो कि लोकसभा तक में अपना पक्ष मजबूती से रख सके। वर्तमान में कई प्रतिनिधि सांसद, विधायक मजबूत व साफ छवि वाले है। जो अपनी बात और वादों के अनुरुप कायम हैं ऐसे में जो सरकार हमारे देश प्रदेश के विकास को गति दे सके मेरा वोट उस सरकार के साथ होगा।

सुरेश कुमार

जरुरी नही कि अगर हम अपने प्रतिनिधि से संतुष्ट ना हों तो भी जबरन वोट दें। युवाओं को इस दिशा में भी अपनी सोच बदलनी होगी। यदि प्रतिनिधि या नेता मंत्री से हम संतुष्ट नही हैं तो हमें नोटा का प्रयोग करना चाहिए ताकि यह संदेश तो पहुंचे की सरकार के लायक कोई प्रतिनिधि नही है कोई नया चेहरा सामने आएगा तो शायद और बेहतर बदलाव होगा।

अमित

हर सरकार महंगाई दूर करने के दावे करती है। यही नहीं मध्यम वर्ग की समस्याओं को समझने का दावा भी करती है, लेकिन हालत यह है कि ये दावे महज दावे ही साबित होते हैं। कम से कम सरकार ऐसी हो जो मध्यम वर्ग के बजट के अनुरुप चीजों के रेट तय करे और महंगाई पर अंकुश लगाए।

ज्योति

देश की सुरक्षा के साथ-साथ जवानों की जिंदगी की गारंटी लेने वाली सरकार होनी चाहिए। युद्ध जरुरी है लेकिन बिना युद्ध के ही हमारे जवान शहीद हों, ऐसा नही होना चाहिए। उनकी शहादत पर पूरा देश गमगीन है कम से कम बदला पूरी तरह से लिया जाए। ऐसी सरकार की आज के भारत को जरुरत है।

आशा ढींगरा

शिक्षा के बाद युवाओं को सबसे अधिक रोजगार की आवश्यकता होती है। जो सरकार अच्छा रोजगार या व्यापार के विकल्प उपलब्ध करा सके उसी को मेरा वोट जाएगा। ये मुद्दा भी चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण रहेगा।

शिवम

जरुरी नही कि हम सिर्फ अपनी जाति बिरादरी के हिसाब से झंडे का रंग देखकर ही वोट करें। हमारा वोट देश के विकास को सामने रखकर सुरक्षा, रोजगार, भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त समाज के मुद्दे पर होनी चाहिए। इसलिए साफ छवि वाले प्रतिनिधि को वोट दिया जाएगा।

गगन

कड़क मुददा

सुरक्षा से न हो समझौता

जो सरकार कश्मीर के मुद्दे पर तुरंत और सही निर्णय ले सके, उस सरकार की आज के भारत को जरुरत है। भले ही कश्मीर का संविधान अलग है, लेकिन कश्मीर भारत का अंग है ऐसे में भारतीयों को कश्मीर में जमीन खरीदने की आजादी मिलनी चाहिए। धारा 370 क्यों जब कश्मीर का निवासी पूरे भारत में कहीं भी जमीन खरीद सकता है और रह सकता है तो अन्य प्रदेशों के लोगों पर कश्मीर में रोक क्यों है। वही राजनैतिक दल अपने मुददों पर आपस में आरोप प्रत्यारोप करें लेकिन देश की सुरक्षा और सैनिकों की जिंदगी पर राजनीति ना हो। जो सरकार देश की सुरक्षा से समझौता करेगी उसका अब युवा बहिष्कार करेंगे।

दीपक वर्मा

सतमोला खाओ सब पचाओ

मिलेनियल्स स्पीक में युवाओं का सबसे प्रमुख और अहम मुददा देश की राजनीति में धार्मिक भावनाओं को आधार बनाकर वोट की राजनीति करने का रहा। युवाओं ने कहा कि जो सरकार या प्रतिनिधि धार्मिक भावनाओं को आधार बनाकर वोट मांगेगी उस सरकार को वोट नही देंगे। मुददा तो देश की सुरक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जो आज देश की जरुरत है और जो आज का युवा सरकार से उम्मीद करता है।

मेरी बात

मंदिर मस्जिद को राजनीति का मुददा ना बनाए जाए बल्कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मुददों को ही खत्म कर दिया जाएगा। राम मंदिर तुरंत बने ताकि किसी सरकार को उसकी आलोचना या उसका फायदा लेने का मौका ही ना मिले। यह मुद्दा इतने लंबे समय से अधर में रखकर राजनीति का आधार बनाया जा रहा है। जबकि यह हिंदूओं की आस्था का विषय है। इस पर विवाद या राजनीति ना हो।

रवि वर्मा


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