सालों से बदहाल निगम के दो अस्पताल

2018-06-20T06:00:05Z

दोनों अस्पताल में डॉक्टर्स ही नहीं, मरीजों को ओपीडी की नहीं मिल रही फैसिलिटी

-मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट व महिलाओं की डिलेवरी होती है नर्सो के सहारे

VARANASI

नगर निगम के दो हॉस्पिटल्स सालों से बदहाल हैं। दोनों अस्पताल में डॉक्टर्स ही नहीं हैं। पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। इससे मरीजों को ओपीडी की फैसिलिटी ही नहीं मिल पा रही है। आदमपुर स्थित संक्रामक रोग अस्पताल और बेनियाबाग स्थित मातृ शिशु रक्षा केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। यहां डॉक्टर न होने से मरीजों का उपचार फार्मासिस्ट और महिलाओं की डिलेवरी स्टाफ नर्सो के सहारे हाेती है।

विभाग की उदासीनता से समस्या

नगर निगम के अफसरों के मुताबिक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कई बार पत्र भेजकर दोनों हॉस्पिटल्स में डॉक्टर्स को अटैच करने को कहा गया, लेकिन अब तक नतीजा सिफर है। दरअसल, मातृ शिशु रक्षा केन्द्र बेनियाबाग में तैनात रहीं महिला डॉक्टर के सन् 2001 में रिटायर होने के बाद से यह पद खाली चल रहा है। जबकि 2001 से पहले यहां दो महिला डॉक्टर्स की तैनाती रही। वहीं संक्रामक रोग हॉस्पिटल में सन् 2012 में डॉक्टर के रिटायर होने के बाद फिर तैनाती नहीं हुई। सिर्फ दो फार्मासिस्ट्स मरीजों का उपचार करते हैं।

दोनों अस्पतालों में लगती थी भीड़

नगर निगम के संक्रामक रोग अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के दौरान सैकड़ों मरीजों की भीड़ होती थी। मंथली ओपीडी 200 से 300 तक थी। आसपास के एरिया में यह अस्पताल अपनी खूबी के लिए पहचाना जाता था, लेकिन अब डेली इक्का-दुक्का मरीज ही आते हैं। वहीं मातृ शिशु रक्षा केन्द्र में डिलेवरी का आंकड़ा महीने में 100 से 150 तक था, लेकिन इस समय यह संख्या करीब एक चौथाई हो गई है।

हाईलाइटर

-17 साल से मातृ शिशु रक्षा केन्द्र में महिला डॉक्टर नहीं हैं।

-रक्षा केन्द्र में एक फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है।

- यहां दो स्टाफ नर्सो के सहारे डिलेवरी होती है।

- 6 साल से संक्रामक रोग अस्पताल में डॉक्टर्स नहीं हैं।

- 2 फार्मासिस्टों के सहारे चल रहा अस्पताल

- दोनों अस्पतालों का इंफ्रास्ट्रक्चर बदहाल हो गया है।

एक नजर

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स्टाफ हैं संक्रामक रोग अस्पताल में

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डॉक्टर्स की जरूरत है अस्पताल में

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स्टाफ हैं मातृ शिशु रक्षा केन्द्र में

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महिला डॉक्टर चाहिए रक्षा केन्द्र में

20-30

डिलेवरी होती है महीने में

नगर निगम के दोनों अस्पतालों में डॉक्टर्स की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। डॉक्टर मिलते ही स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आ जाएंगी।

डॉ। एके दूबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

नगर निगम के अफसरों का पत्र अभी मिला नहीं है। पत्र मिलने के बाद दोनों अस्पतालों में डॉक्टर्सकी तैनाती पर विचार किया जाएगा।

डॉ। वीबी सिंह, सीएमओ, वाराणसी


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