एक फीसदी से अधिक टैक्स बर्दाश्त नहीं

2015-09-01T07:01:39Z

- यूपी सर्राफा मिलन समारोह में कारोबारियों ने दिखाई एकजुटता

- जीएसटी में सालाना सीमा 10 से बढ़ाकर 25 लाख करने की मांग

Meerut : अगले साल से जीएसटी (गुड एंड सर्विस टैक्स) लागू होने जा रही है। फिर भी जीएसटी के कई प्रावधानों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को मेरठ में उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के मिलन समारोह में पदाधिकारियों ने कहा कि ज्वैलरी का कारोबार एक फीसदी से अधिक टैक्स बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

समारोह में 350 कारोबारी

मेरठ में बीआइटी ग्लोबल स्कूल में आयोजित उत्तर प्रदेश सर्राफा मिलन समारोह में प्रदेशभर से करीब साढ़े तीन सौ ज्वैलरी कारोबार से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। ज्वैलरी कारोबार के सामने आ रहीं चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि देश में सभी मदों को मिलाकर सवा बारह लाख करोड़ टैक्स की वसूली हो रही है। इसमें सवा चार लाख करोड़ कर्ज के भुगतान में जा रहा है। महज आठ लाख करोड़ से पूरे देश का संचालन हो रहा है। इसे और बढ़ाने की जरूरत है।

जीएसटी से बढ़ेगा बोझ

उत्तर प्रदेश वाणिज्य सलाहकार समिति के चेयरमैन सुरेंद्र मोहन अग्रवाल ने कहा कि बहुत से कारोबारी जीएसटी आने पर खुश हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि जीएसटी आने के बाद उनके ऊपर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। जीएसटी के विरोध में उनके पास कोई प्रत्यावेदन नहीं आया। फिर भी प्रदेश सरकार व्यापारियों के हित में इसमें कई तरह के संशोधन की मांग कर रही है। जीएसटी में दस लाख रुपये सालाना की सीमा रखी गई है, उनकी सरकार इसे 25 लाख की सीमा तक करने की मांग कर रही है।

यादगार रहेगा समारोह

कानपुर से आए उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्र जैन ने कहा कि वेस्ट यूपी के ज्वैलरी कारोबारियों को एसोसिएशन से जोड़ने के लिए यह समारोह यादगार रहेगा। समारोह में मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने व्यवसाय के लिए प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। समारोह में कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, बरेली, आगरा, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर आदि शहरों से ज्वैलर्स कारोबारी शामिल हुए।


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