फिल्टर पेपर और टेक्नोलॉजी दिलाएगी दूध में मिलावट के जहर से आजादी

2019-02-20T10:16:13Z

दूध में पानी है या पानी में दूध हमेशा ही यह समस्या लोगों को परेशान करती है इसकी जांच करना अब बेहद आसान हो गया है

- दूध की क्वालिटी परखने के लिए गोरखपुर के होनहार ने डेवलप किया किट

- एप की मदद से फौरन जांची जा सकेगी दूध की क्वालिटी

- पेटेंट के लिए किया अप्लाई, जल्द होगी ऑफिशियल लांचिंग

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: दूध में पानी है या पानी में दूध, हमेशा ही यह समस्या लोगों को परेशान करती है. दूध की क्वालिटी को जांचने के लिए या तो किसी लैब का सहारा लेना पड़ता है या फिर बिना इसकी जांच किए इस्तेमाल करना दूसरा ऑप्शन है. मगर अब ऐसा नहीं होगा. गोरखपुर के होनहार ने एक ऐसा किट डेवलप किया है, जिसमें टेक्नोलॉजी और साइंस इनवॉल्व है. इसकी मदद से लोग घर बैठे ही दूध की क्वालिटी परख सकेंगे और इसी के हिसाब से अपने दूध वाले या सप्लायर को इंस्ट्रक्शन दे सकेंगे. फिलहाल इसके पेटेंट के लिए अप्लाई किया गया है और जल्द ही यह लोगों के बीच होगा.

15 मिनट में दूध का दूध, पानी का पानी
गोरखपुर यूनिवर्सिटी मैथ्स डिपार्टमेंट के पूर्व हेड प्रो. रमेश चंद्र श्रीवास्तव के लाडले डॉ. प्रांजल चंद्रा ने यह उपलब्धि हासिल की है. उनकी इस रिसर्च के जरिए यूजर्स महज 15 मिनट में दूध की क्वालिटी को परख सकता है. इसे घरेलू और कॉमर्शियल दोनों तरह की जांच के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. डॉ. चंद्रा देश-विदेश में पब्लिश होने वाले दर्जनों जर्नल्स के एडिटोरियल बोर्ड मेंबर हैं और डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की ओर से दी जाने वाली रामानुजन स्कॉलरशिप फेलो हैं. वह आईआईटी गुवाहटी में बतौर साइंटिस्ट वर्क कर रहे हैं.

एप और फिल्टर के जरिए टेस्टिंग
डॉ. प्रांजल ने बताया कि दूध की क्वालिटी इसमें मिलने वाले एंजाइम अलकलाइन फॉस्टफेट पर डिपेंड करती है. इसकी क्वालिटी को जांचने के लिए साइंटिस ने फिल्टर पेपर को छोटे गोल टुकड़ों में काट दिया और केमिकल प्रोब में एलपी के साथ रिएक्ट कराया. इसके बाद पेपर पर दूध की बूंद डाली जाती है. इसे स्कैन करने के बाद एप के जरिए एनालाइज किया जाता है. इसके बाद एप में पहले से स्टोर वैल्यू के बेसिस पर इसका रिजल्ट सामने आ जाता है. अगर वैल्यू अपने न्यूनतम स्तर पर होती है, तो दूध की क्वालिटी खराब मानी जाती है.

पेटेंट के बाद लांचिंग
अब तक दूध की क्वालिटी परखने के लिए लोगों को भारी भरकम मशीने परचेज करनी पड़ती है. देश विदेश की कंपनीज मशीन को फायदा-नुकसान बताकर मनमानी कीमत में बेच रही हैं. मगर इस किट की ऑफिशियल लांचिंग के बाद लोगों को दूध की जांच का चीफ और बेस्ट तरीका मिल जाएगा. इसकी किट की कीमत फिलहाल 80 से 125 के बीच होगी और इसे कोई भी परचेज कर सकेगा. फिलहाल इसके पेटेंट होने के बाद इस एप का नाम रिलीज किया जाएगा और इसके बाद लोग इसे यूज कर सकेंगे.


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