8 से 12 अब एक टिकट का सहारा

2019-07-06T06:00:12Z

-रेलवे ने दलालों पर लगाम कसने के लिए लगाई रिस्ट्रिक्शन

-तत्काल के पीरियड में सिर्फ एक टिकट कटाने की होगी परमिशन

-टिकट बनाने की स्पीड पर भी मॉनीटरिंग, तेज टिकट बनाने पर बंद होगी आईडी

GORAKHPUR: पैसेंजर्स को बेहतर सर्विस देने के लिए रेलवे लगातार खुद को अपग्रेड कर रहा है। तत्काल टिकट न मिलने की शिकायत पर भी रेलवे ने काफी होमवर्क किया है और लोगों को सुविधा देने के लिए लगातार इसमें बदलाव भी किए जा रहे हैं। एक बार फिर रेलवे ने दलालों पर लगाम कसने के लिए यूजर फ्रेंडली बदलाव किया है। उनकी दाल न गले, इसके लिए अब एक अकाउंट से तत्काल टाइमिंग में सिर्फ एक टिकट ही परमिसिबल होगा। इसके लिए बाकायदा जिम्मेदारों को निर्देश दिए जा चुके हैं और सॉफ्टवेयर को भी अपग्रेड कर इसमें चेक लगा दिया गया है। इससे जहां खुद से तत्काल टिकट बनाने वाले पैसेंजर्स को कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीदें बढ़ जाएंगी। वहीं, रेलवे की सुविधा का फायदा उठाकर अपनी जेब भरने वालों पर लगाम लगेगी।

8 से 12 तक एक ही टिकट

रेलवे के बदले रूल के अकॉर्डिग अब तत्काल ड्यूरेशन यानि सुबह 8 बजे से 12 बजे तक के बीच किसी भी आईआरसीटीसी आईडी से सिर्फ एक टिकट ही बन सकेगा। अगर पैसेंजर ऑनवर्ड जर्नी प्लान करना चाहता है, तो इसकी इजाजत होगी। मगर एक आईडी पर सिर्फ एक ही टिकट बनाया जा सकता है। इससे प्रोफेशनली टिकट बनाने वालों पर लगाम लगेगी, जबकि सेल्फ टिकट बनाने वाले पैसेंजर्स को कंफर्म टिकट मिल जाएगा। इसके अलावा पर्सनल यूजर्स को तत्काल टिकट मिल सके, इसके लिए आईआरसीटीसी ने अपने ऑथराइज एजेंट्स को बुकिंग शुरू होने के पहले 15 मिनट तक बैन कर रखा है। इसके बाद ऑथराइज एजेंट टिकट बुक कर सकेंगे।

स्पीड पर भी रिस्ट्रिक्शन

रेलवे और आरपीएफ की छापेमारी में कई बार यह बात भी सामने आई है कि कई बार बूस्टर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल एजेंट्स टिकट बुक करते हैं, जिससे उनके सर्वर की स्पीड दूसरों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है और उनका टिकट फौरन हो जाता है। जबकि दूसरे लोगों को इसके लिए वेट करना पड़ता है। इस पर भी आईआरसीटीसी ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। उन्होंने टिकट के लिए एक आइडियल टाइमिंग सेट कर दी है, जिससे पहले टिकट बनाने पर उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा और उसकी आईडी भी डीएक्टिवेट कर दी जाएगी। अब तक ऐसी करीब सवा लाख से ज्यादा आईडी को डीएक्टिव किया जा चुका है।

यह भी हैं यूजर फ्रेंडली बदलाव

- एक आईडी से महीने में सिर्फ छह टिकट

- आधार वेरिफिकेशन के बाद महीने में 12 टिकट

- सफर करने वाले पैसेंजर्स में कम से कम एक व्यक्ति का आधार मस्ट

- एक ही आईडी से रेग्युलर तत्काल टिकट बनाने वालों की मॉनीटरिंग

- मिनिमम टाइमिंग सेट फॉर फिलिंग पैसेंजर्स डीटेल एंड कैपचा

यह हैं जांच का कुछ डाटा -

2018

दलाल अरेस्ट - 2391

टिकट सीज - 78001

2019 मई तक

दलाल अरेस्ट - 613

टिकट सीज - 18784

आईआरसीटीसी ने टिकट में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिससे कि आम आदमी को तत्काल टिकट मिल सके और दलालों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए कुछ चेक्स लगाए गए हैं, वहीं फास्ट टिकट बनाने वालों की निगरानी भी की जा रही है।

-सिद्धार्थ सिंह, पीआरओ, आईआरसीटीसी


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