आज से 7 मिनट में जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री

2019-03-01T06:00:47Z

RANCHI: यदि आप भी जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए दौड़ लगा रहे हैं तो आपके लिए राहत वाली खबर है। जी हां, जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री अब सिर्फ सात मिनट में हो जाएगी। शुक्रवार को राज्य में नेशनल जेनरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम(एनजीडीआरएस) की राजस्व मंत्री अमर कुमारी बाउरी प्रोजेक्ट भवन में शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री आसान हो जाएगी।

रुकेगा जमीन का फर्जीवाड़ा

इस सिस्टम के लागू होने से जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया आसान होगी और फ र्जीवाड़ा पर अंकुश लगेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जमशेदपुर रजिस्ट्री ऑफि स में इसे लांच किया गया था। शुक्रवार से राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में लागू किया जाएगा। एनजीडीआरएस लागू होने से एक ही जमीन को दो या दो से अधिक लोगों को बेचने के फ र्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। सरकारी, गैर मजरूआ, कैसर-ए-हिंद गोचर और वन भूमि की जानकारी भी सिस्टम में अपलोड रहेगी। इन जमीनों को अगर फ र्जी तरीके से कोई बेचना चाहेगा तो सिस्टम में ही पता चल जाएगा और इसकी खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी। किसी जमीन को खरीदने से पहले उसका मौजा, रकबा व प्लाट नंबर से उस जमीन की स्थिति के बारे में जानकारी भी इस सिस्टम से ली जा सकेगी। जमीन के संबंध में अगर कोई विवाद होगा तो भी सिस्टम में पता चल जाएगा।

पारदर्शी होगा सिस्टम

एनजीडीआरएस लागू होने से सात मिनट में जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकेगी। वर्तमान में 45 मिनट तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया होती है। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए सॉफ्टवेयर के लागू होने से निबंधन की प्रक्रिया और पारदर्शी होगी। राजस्व निबंधन व भूमि सुधार विभाग की मानें तो इससे कम समय में रजिस्ट्री हो सकेगी।

अब डाटा क्रैश भी नहीं

रांची सहित राज्य भर में यह सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके बाद लिंक स्लो व डाटा क्रैश जैसी समस्याएं खत्म होंगी। केंद्र सरकार व एनआईसी की इस परियोजना के तहत देश के निबंधन कार्यालयों के लिए अलग पोर्टल होगा। इसमें जमीन के दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे, आमलोगों को जमीन के निबंधन के लिए सभी जरूरत की चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी। एक क्लिक में लोग जमीन से संबंधित जानकारी पाएंगे।

वर्जन

आज से रांची सहित राज्य भर में एनजीडीआरएस लागू हो जाएगा। इसके बाद लिंक स्लो व डाटा क्रैश जैसी समस्याएं खत्म होंगी। केंद्र सरकार व एनआईसी की इस परियोजना के तहत राज्य के निबंधन कार्यालयों के लिए अलग पोर्टल होगा। इसमें जमीन के दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे,

ए मुथुकुमार, आईजी, रजिस्ट्रेशन


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